
रतलाम। मुदंडी और सरवनी जागीर के ग्रामीण गुरूवार को सडक़ की मांग कर रहे ग्रामीण कलेक्ट्रोरेट पहुंचे। किसानों ने ग्रामीण कांग्रेस नेताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए सडक़ निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी उनके गांव तक बेहतर सडक़ नहीं पहुंच पाई है। बरसात के दिनों में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का मुख्य मार्ग तक पहुंचना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान सडक़ की हालत इतनी खराब हो जाती है कि वाहन लेकर गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस तक गांव के अंदर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीजों को चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने एक बेहद गंभीर घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ समय पहले एक गर्भवती महिला को गांव से मुख्य मार्ग तक ले जाया जा रहा था। खराब रास्ते के कारण उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और रास्ते में ही प्रसव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ सिर्फ सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि अब उनके लिए जिंदगी और मौत से जुड़ा सवाल बन चुकी है।
