नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें 14 साल तक के बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने वाले संस्थानों के नियमन की मांग की गई थी।
बेंच की टिप्पणी और याचिका वापसी
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान अदालत के रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली और उचित मंच पर जाने का निर्णय लिया।
याचिका में उठाए गए गंभीर मुद्दे
याचिका में तर्क दिया गया था कि हजारों गैर-पंजीकृत संस्थान धार्मिक शिक्षा की आड़ में बच्चों को कट्टरपंथी बना रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय अखंडता और एकता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

