मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के रोमांचक सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर चौथी बार फाइनल में जगह बना ली। मैच आखिरी ओवर तक बेहद रोमांचक रहा।
गुरुवार, 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल किसी रोमांचक मुकाबले से कम नहीं रहा। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मैच में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 रनों से जीत दर्ज की और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ भारतीय टीम टी20 विश्व कप के इतिहास में चौथी बार फाइनल में पहुंची है। इससे पहले भारत 2007, 2014 और 2024 में फाइनल मुकाबला खेल चुका है। खास बात यह भी रही कि भारत टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाला पहला डिफेंडिंग चैंपियन बन गया है।
रनों की बारिश वाला हाई स्कोरिंग मुकाबला
इस सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से बल्लेबाजों का जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। पूरे मैच के दौरान रनों की ऐसी बरसात हुई कि दोनों टीमों ने मिलकर लगभग 500 रन बना डाले। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी जोरदार लड़ाई दिखाई, लेकिन वह 20 ओवरों में 246 रन ही बना सकी। अंतिम ओवर तक चले इस रोमांचक मुकाबले ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा और यह मैच लंबे समय तक याद किया जाएगा।
संजू सैमसन की तूफानी पारी से भारत को मिली मजबूत शुरुआत
भारतीय टीम की पारी में संजू सैमसन ने सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए। सैमसन ने केवल 42 गेंदों में 89 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। शुरुआती झटके के रूप में अभिषेक शर्मा जल्दी आउट हो गए थे, लेकिन इसके बाद सैमसन को ईशान किशन का अच्छा साथ मिला। ईशान किशन ने भी तेज अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 18 गेंदों पर 39 रन बनाए। मध्यक्रम में शिवम दुबे ने 25 गेंदों पर 43 रनों की उपयोगी पारी खेली। वहीं अंतिम ओवरों में हार्दिक पांड्या ने 27 और तिलक वर्मा ने 21 रनों की तेज पारी खेलकर टीम का स्कोर 253 तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। इंग्लैंड की ओर से विल जैक्स और आदिल राशिद ने 2-2 विकेट जरूर लिए, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों को रोकने में सफल नहीं हो सके।
बेथेल की शतकीय पारी के बावजूद इंग्लैंड को मिली हार
254 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। हार्दिक पांड्या ने फिल साल्ट को 5 रन पर पवेलियन भेज दिया, जबकि जसप्रीत बुमराह ने कप्तान हैरी ब्रूक को 7 रन पर आउट कर दिया। शुरुआती झटकों के बाद युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने पारी को संभाला और शानदार बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड को मुकाबले में बनाए रखा। बेथेल ने सिर्फ 48 गेंदों में 105 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए। विल जैक्स ने भी 35 रनों का योगदान दिया और दोनों के बीच हुई साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक बना दिया। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मुकाबले का रुख बदल दिया।
आखिरी ओवर में दिखा जबरदस्त रोमांच
मैच का सबसे ज्यादा रोमांच आखिरी दो ओवरों में देखने को मिला। 19वें ओवर में हार्दिक पांड्या ने सैम करन को 18 रन पर आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। अंतिम ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रन चाहिए थे और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने गेंद शिवम दुबे को थमाई। ओवर की पहली ही गेंद पर जैकब बेथेल दूसरा रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गए, जिससे इंग्लैंड की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। इसके बाद जोफ्रा आर्चर ने हार नहीं मानी और अंतिम ओवर में तीन छक्के जड़ दिए। आर्चर ने केवल 4 गेंदों में 19 रन बनाए, लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से 7 रन दूर रह गई।
भारत की इस महत्वपूर्ण जीत में गेंदबाजों का योगदान भी काफी अहम रहा। जसप्रीत बुमराह ने दबाव भरे मुकाबले में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 33 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। वहीं हार्दिक पांड्या ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 38 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस जीत के साथ भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ 39 साल पुराना हिसाब भी बराबर कर लिया और टूर्नामेंट में अपनी शानदार लय को बरकरार रखा। अब टीम इंडिया 8 मार्च को होने वाले फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड से भिड़ेगी, जहां पूरा देश एक और विश्व खिताब की उम्मीद लगाए बैठा है।
