बालाघाट: जनपद के ग्राम पंचायत गढ़दा के अंतर्गत आने वाले बूढ़ेना, पवारी टोला, कोड़पा टोला सहित ग्राम गढ़दा एवं नाहरवानी के ग्रामीण वर्षों से सड़क और पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। पुलिया टूटने तथा कई मार्गों के अब तक पक्के नहीं होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को अतिरिक्त दूरी तय कर आवागमन करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पवारी टोला की पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से मार्ग बंद हो गया है। इसके चलते स्कूल जाने वाले बच्चों को करीब 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं बूढ़ेना के बच्चों को भी पुलिया की समस्या के कारण लगभग 2 किलोमीटर अधिक दूरी तय कर स्कूल पहुंचना पड़ता है।
ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल निर्माण कार्य कराने की मांग की है। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर बब्बर सेना एवं समस्त ग्रामीणों द्वारा एक दिवसीय जल सत्याग्रह आंदोलन किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी कई गांवों को पक्की सड़क और सुरक्षित पुलिया जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल पाई है। बारिश के दौरान नदियों और नालों में पानी बढ़ने से आवागमन और बच्चों को स्कूल तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाती है।
ग्रामीणों का सवाल—आखिर कब बनेगी सड़क और पुलिया?
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन से सवाल किया है कि जब सड़क और पुलिया लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है तो वर्षों से लंबित इन समस्याओं का समाधान आखिर कब होगा? ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सुरक्षित आवागमन, बच्चों की शिक्षा और गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
