
इंदौर. शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, मानवीय संवेदना और जनसहभागिता के जरिए अपराध नियंत्रण को नई दिशा दे रही है. जोन 2 क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत नशे, असामाजिक गतिविधियों और संदिग्धों पर सख्त निगरानी के साथ साथ जरूरतमंदों को तुरंत मदद भी दी जा रही है.
पुलिस उपायुक्त जोन 2 कुमार प्रतीक ने बताया कि जोन 2 क्षेत्र में नशा करने वाले, शराब पीकर वाहन चलाने वालों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इस दौरान ड्रोन पेट्रोलिंग के जरिए खुले, छुपे और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है. विजय नगर, कनाड़िया, लसूड़िया सहित कई क्षेत्रों में ड्रोन की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की गई. इसी अभियान के दौरान थाना एमआईजी क्षेत्र में पुलिस एफआरवी 12 को गणेश नगर की एक गली में करीब तीन साल की बच्ची अकेली घूमती मिली. बच्ची अपने परिजनों का नाम-पता बताने में असमर्थ थी. पुलिस ने उसे सुरक्षित थाने पहुंचाया और बीट स्टाफ के माध्यम से आसपास पूछताछ कर परिजनों की तलाश शुरू की. कुछ ही समय में बच्ची के परिजन कृष्ण बाग कॉलोनी से मिल गए, जो उसे ढूंढते हुए पुलिस के संपर्क में आए. आवश्यक सत्यापन के बाद बच्ची को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली. वहीं कनाड़िया थाना क्षेत्र के ग्राम बिसनखेड़ा में एक करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति लावारिस हालत में मिले, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपनी पहचान नहीं बता पा रहे थे. पुलिस ने मानवीय पहल करते हुए उन्हें बाणगंगा स्थित वृद्धाश्रम भेजा, जहां उनकी देखरेख की जा रही है. जोन-2 क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के तहत विशेष सर्चिंग और निगरानी अभियान भी चलाया गया. इस दौरान गुंडा, चाकूबाज और निगरानी बदमाशों की व्यापक जांच की गई. संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ की गई और आवश्यक मामलों में कार्रवाई की गई. हॉटस्पॉट, शैडो एरिया, बहुमंजिला इमारतों और संवेदनशील इलाकों में सघन चेकिंग की गई. सड़क सुरक्षा को लेकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी सख्त रुख अपनाया. अभियान के तहत 28 चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त किए. जबकि बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की गई. इसके साथ ही जोन 2 क्षेत्र में लगातार मोहल्ला मीटिंग और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इन बैठकों में नागरिकों को साइबर अपराध, नशामुक्ति, पुलिस हेल्पलाइन, डायल 112 और प्रतिबंधित चीनी मांझे से होने वाले खतरों को लेकर जागरूक किया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनता की भागीदारी से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है.
