
ग्वालियर, महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार की अध्यक्षता में मंगलवार को मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें शहर विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस तथा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शुल्क संबंधी वर्ष 2022 के संकल्प में संशोधन को स्वीकृति दी गई। वहीं अमृत 2.0 परियोजना के लिए नगर निगम के मार्जिन मनी योगदान हेतु म्युनिसिपल बॉन्ड, प्राइवेट प्लेसमेंट अथवा बैंक ऋण के माध्यम से संसाधन जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
फूलबाग स्थित नगर निगम संग्रहालय परिसर के पुराने लेबर कोर्ट भवन को 10 वर्ष के लिए ई-निविदा के माध्यम से संचालन एवं रखरखाव पर देने का प्रस्ताव फिलहाल वापस कर दिया गया। एमआईसी ने निर्देश दिए कि भूमि स्वामित्व की स्पष्ट रिपोर्ट के साथ प्रस्ताव दोबारा प्रस्तुत किया जाए। इसके अलावा नजरबाग मार्केट स्थित दुकानों से जुड़े पूर्व संकल्प को यथावत लागू रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित सार्वजनिक शौचालयों के पे-एंड-यूज शुल्क बढ़ाने के विषय पर अंतिम निर्णय लेने के लिए महापौर को अधिकृत किया गया। साथ ही नगर निगम सीमा में शामिल ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों (सहायक सचिव) के संविलियन संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
