
ग्वालियर। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार स्वर्ण रेखा नदी एवं नदी में पानी लाने वाले बांधों का आज निरीक्षण किया गया। उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के आदेश अनुसार जनहित याचिका विश्वजीत रतौनिया बनाम मध्य प्रदेश शासन (स्वर्ण रेखा नदी) के मामले में न्यायालय ने उच्च अधिकारियों, सीनियर एडवोकेट, पिटिशनर एवं पिटिशनर एडवोकेट कमेटी गठित कर यह आदेश दिया था कि इस नदी के रिवाइवल में मूल परिवेश में इस नदी को लाने के लिए आखिर कहां कमी पेशी हो रही है, किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, क्या मुसीबतें इस नदी के पुनर्विकास में आ रही है। आज कमेटी ने स्वर्ण रेखा नदी में पानी जिन स्रोतों से आता है उन का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान पता चला कि अधिकारियों ने इस नदी के विकास के लिए इस नदी में पानी ले जाने के लिए जिन बांधों के विकास की बात कही थी एवं आपस में कनेक्ट करने की बात कही थी वह सब झूठ निकला। इस निरीक्षण में नगर निगम, जल संसाधन, वन विभाग के अधिकारी, सीनियर एडवोकेट के एन गुप्ता, एड.यश शर्मा, एड. धर्मेंद्र सिंह कुशवाहा एवं एडविकेट पेटीशनर विश्वजीत रतौनिया मुख्य रूप से शामिल हुए।