
उन्होंने कहा कि अधिवेशन सामान्य सम्मेलनों से अलग होगा। इसमें विशेषज्ञों के व्याख्यान के बजाय जमीन पर काम कर रहे लोगों के अनुभव को महत्व दिया जाएगा। पहले दिन विभिन्न विषयों पर चार सत्र होंगे और इसके बाद रचनात्मक कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा होगी। श्री दीक्षित ने कहा “दोनों दिन खुले सत्र होंगे, क्योंकि यह लोगों का मंच है। इसमें लोग सवाल पूछ सकेंगे और अपनी बात रख सकेंगे। दूसरे दिन पहले दिन की चर्चाओं की समीक्षा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपने विचार रखेंगे और लोगों के साथ संवाद करेंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों के साथ खुला संवाद करेंगे।” रचनात्मक कांग्रेस का उद्देश्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के मूल्यों से प्रेरित सहयोगी संगठन है जिसका मकसद सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों तथा जन सरोकार से जुड़े विषयों पर काम कर रहे लोगों से संवाद और सहयोग करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कांग्रेस का बौद्धिक प्रकोष्ठ या थिंक टैंक नहीं है।
