
नई दिल्ली, संसद के मॉनसून सत्र के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। महज 20 दिन में यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले 22 जुलाई को शरद पवार और सुप्रिया सुले ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब केंद्र सरकार FCRA और परिसीमन जैसे अहम विधेयक संसद में लाने की तैयारी में है।
*FCRA और परिसीमन पर कड़ा विरोध*
एनसीपी (एसपी) ने FCRA विधेयक के मौजूदा मसौदे को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी की मांग है कि इसे तुरंत वापस लेकर गहन समीक्षा के लिए संसद की संयुक्त समिति JPC को भेजा जाए।
परिसीमन विधेयक पर कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि यदि सभी राज्यों में आनुपातिक रूप से 50 फीसदी सीटें बढ़ाई जाती हैं तभी उनकी पार्टी समर्थन पर विचार करेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि इंडिया गठबंधन के घटक दलों से सहमति के बिना पार्टी कोई अंतिम फैसला नहीं लेगी।
*महायुति में शामिल होने की अटकलें*
पिछले कुछ हफ्तों से अटकलें हैं कि शरद पवार की पार्टी MVA छोड़कर NDA-महायुति में शामिल हो सकती है। पार्टी ने इन दावों को खारिज किया है।
इस पर शिवसेना UBT के नेता संजय राउत ने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि एनसीपी-एसपी कभी एनडीए में शामिल नहीं होगी। जब प्रधानमंत्री संसद सत्र में सदन में नहीं होते तो विपक्षी नेताओं को जनहित और राज्य के मुद्दे उठाने के लिए उनसे कार्यालय में मिलना पड़ता है।”
*महाराष्ट्र के मुद्दे भी उठेंगी*
पार्टी सूत्रों के मुताबिक सुप्रिया सुले इस बैठक में FCRA और परिसीमन के अलावा महाराष्ट्र के किसानों की समस्याएं, अतिवृष्टि से नुकसान और राज्य की लंबित विकास परियोजनाओं का मुद्दा भी उठाएंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले हो रही इन उच्चस्तरीय मुलाकातों के काफी मायने हैं।
