जबलपुर: नृत्यांजलि कला अकादमी के तत्वावधान में नृत्य एवं योग के संगम का नृत्यमय और योगमय कार्यक्रम का आयोजन आज कला वीथिका संग्रहालय में भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।समारोह की संयोजक नृत्य निदेशक एवं नृत्य गुरु कामना नायक ने कहा कि शास्त्रीय नृत्य में अध्यात्म निहित है। नृत्य आराधना है, नृत्य पूजा है।नृत्य की साधना करने से वुद्धि का विकास होता है।
योग गुरु पंखुरी तनेजा ने नृत्य की विभिन्न मुद्राओं को बताते हुए उसमें समाहित योग की व्याख्या की और योग सिखाया। राजेश पाठक प्रवीण ने कहा कि क्लासिकल नृत्य की भावभंगिमाएं और योग के विभिन्न आसनों के माध्यम से जीवन में संतुलन और मन में स्थिरता आती है। इस अवसर पर अथर्व नायक के द्वारा डिजिटल आर्ट में बनाये गए देवताओं के नामों पर आधारित आसनों की प्रदर्शनी को सभी ने सराहा।नृत्य निदेशक अरुक्षा नायक ने नृत्य और योग के शास्त्रीय विधान पर जानकारी दी।समारोह के अतिथि शलभ नायक ने सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
