
भोपाल। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और कथित भ्रष्टाचार के मामले में लोकायुक्त संगठन अब उसकी दुबई स्थित संपत्ति की दोबारा जांच करेगा. कोर्ट में चालान पेश करने से पहले लोकायुक्त सौरभ के नाम के साथ-साथ उसके करीबियों और संभावित बेनामी संपत्तियों की भी पड़ताल कर रहा है. लोकायुक्त संगठन में शिकायत करने वाले व्यक्ति ने दावा किया था कि सौरभ की दुबई में एमआर ग्रुप से खरीदी गई करीब 150 करोड़ रुपये कीमत की विला है. हालांकि, सौरभ और उसके करीबियों के ठिकानों पर हुई कार्रवाई के दौरान दुबई की इस कथित संपत्ति से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले थे. पूछताछ में भी सौरभ या उसके रिश्तेदारों ने दुबई में संपत्ति होने की जानकारी स्वीकार नहीं की थी. अब लोकायुक्त पुलिस एमआर ग्रुप को दोबारा पत्र भेजकर जानकारी जुटाएगी कि सौरभ, उसके रिश्तेदारों या कथित तौर पर काली कमाई को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले लोगों के नाम पर दुबई में कोई संपत्ति खरीदी गई है या नहीं. जांच में 15 से अधिक करीबियों की संपत्तियों को भी खंगाला जा रहा है. गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में सौरभ के ठिकानों पर छापे के बाद मेंडोरी गांव में एक लावारिस कार से 52 किलो सोना और 11.60 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे. कार सौरभ के सहयोगी चेतन गौर के नाम पर थी. लोकायुक्त संगठन सितंबर के अंत तक कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी में है.
