
पानसेमल । नगर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्य मार्गो से चल समारोह निकालकर समाज की रीती रिवाजों के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक एकता का संदेश दिया।आयोजन में महाराष्ट्र गुजरात के विभिन्न स्थानों से समाजजन शामिल हुए।कृषि उपज मंडी से कार्यक्रम का शुभांरभ समाज के क्रांतिवीरों एवं समाज सुधारकों,समाज के आदर्श महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ।जिसके बाद समाज के वरिष्ठजनों ने अपने विचार व्यक्त किए । जयस संस्थापक विक्रम अछालिया ने वर्तमान में आदिवासी समाज की स्थिति पर चिंता जताई ओर कहा कि आज के समय में अमीर और अमीर हो रहा है,तथा गरीब और गरीब हो रहा है,समाज में शिक्षित वर्ग को आगे आकर पिछड़े एवं अशिक्षित समाज को नई दिशा देने का कार्य करना चाहिए।सुरेश डुडवे ने कहा केवल नाच गाना करना विश्व आदिवासी दिवस मनाना समाज की संस्कृति नहीं है,हमारे समाज के लोग आज भी संघर्ष रत हैं,ओर आज भी अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं।समाज के कार्यों में राजनीति को छोड़कर सम्मिलित होना चाहिए।आयोजित जनसभा में जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद वसावे ने भी क्रांतिवीरों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने की बात कही।समाज के युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए।।चल समारोह में युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में नजर आई,चल समारोह मंडी से प्रारंभ होकर नगर के जलगोन रोड होकर थाने के पास समाप्त हुआ।जनपद पंचायत उपाध्यक्ष लालसिंह पवार,सरपंच घटया दारासिंह ब्राह्मणे,विक्रम मेहता,गोपाल भंडारी,प्रकाश खेड़कर,दिलीप पवार,मयूर परमार,निलेश चौहान,महेश चौहान,राहुल मेहता, सहित समाज के युवाओं एवं वरिष्ठजनों ने प्रशासन का आभार जताते हुए,समाज हित में कार्य करते हुए सामाजिक एकता को बनाए रखने के अपील की है।आवश्यक व्यवस्थाओं हेतु तहसीलदार सुनील सिसोदिया,थाना प्रभारी विजय रावत,थाना प्रभारी नाथूसिंह रणधा,थाना प्रभारी विक्रम बामनिया सहित जिले के अलग अलग थाने से पुलिस मौजूद रहा।आयोजन में 8000 के लगभग समाजजन सम्मिलित रहे।
