
सीधी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से सहकारी समितियों से जोडऩे का अभियान निरंतर जारी है।
इसी क्रम में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सीधी में सदस्यता अभियान एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की। महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले, इसी उद्देश्य से कार्यभार संभालने के बाद से ही प्रदेश के विभिन्न संभागों का दौरा कर सहकारिता को मजबूत करने और किसानों को सहकारी संस्थाओं से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल से प्रारंभ सदस्यता महाअभियान के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों की मुख्यधारा से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारिता को जन-जन तक पहुंचाने तथा किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को सहकारी व्यवस्था से जोडऩे में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सीधी के अंतर्गत जिले में कुल 54 पैक्स कार्यरत हैं। सदस्यता अभियान के अंतर्गत अब तक जिले में 18 हजार नवीन सदस्यों को सहकारिता की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।
प्रशासक श्री यादव ने कहा कि समिति प्रबंधक सहकारी आंदोलन की रीढ़ हैं और सरकार तथा किसानों के बीच महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करते हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि दूरस्थ अंचलों तक जुड़े प्रत्येक किसान को सहकारी समिति का सदस्य बनाया जाए। उन्होंने सीधी जिले में सदस्यता अभियान की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिला स्तर पर अभियान की समीक्षा के बाद वे आगामी समय में समिति स्तर पर भी पहुंचकर किसानों और समिति प्रबंधकों से संवाद करेंगे। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत बनाने तथा पैक्स को किसानों के लिए अधिक प्रभावी एवं उपयोगी संस्था बनाने पर विशेष जोर दिया। बैठक एवं प्रवास के दौरान सांसद डॉ.राजेश मिश्रा, विधायक सीधी रीती पाठक, सिहावल विश्वामित्र पाठक सहित प्रशासनिक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, समिति प्रबंधक तथा किसान और नागरिक उपस्थित रहे।
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अब एक वर्ष में चुकाना होगा शून्य प्रतिशत ब्याज का ऋण
महेन्द्र सिंह यादव ने किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले ऋण की सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले रबी एवं खरीफ फसलों के लिए छह माह की अवधि के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाता था। इससे किसानों को ऋण चुकाने में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। किसानों के हित में किए गए आग्रह के बाद मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा ऋण चुकाने की अवधि को बढ़ाकर एक वर्ष किया गया है। उन्होंने कहा कि अब किसान 3 लाख रुपये तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर लेकर एक वर्ष के भीतर चुका सकता है और अगले वर्ष पुन: ऋण प्राप्त कर सकता है। उन्होंने किसानों से सहकारी समितियों से जुडक़र शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
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