
बालाघाट, जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में बाघ के हमले में एक ग्रामीण घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल ग्रामीण को विभागीय वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका उपचार कराया गया।
इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार 07 अगस्त 2026 को प्रातः लगभग 8:30 बजे ग्राम मालखेड़ी, पोस्ट कलेगांव, तहसील परसवाड़ा निवासी करीब 35 वर्षीय श्री राजकुमार अपने खेत से लगे कोर वन क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके दोनों हाथों एवं चेहरे पर चोटें आईं।
घटना की सूचना वन विभाग को मिलते ही विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। आवश्यक कार्रवाई के बाद घायल राजकुमार को विभागीय वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी
घटना के बाद वन विभाग द्वारा मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। साथ ही क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। मैदानी वन अमले को भी सतर्क रहने तथा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर वन क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसलिए ग्रामीण कोर क्षेत्र में प्रवेश न करें। इसके अलावा बफर क्षेत्र के वन क्षेत्रों में भी अकेले जाने से बचें और बाघ की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
वन विभाग ने कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में बाघ की उपस्थिति की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि आवश्यक सुरक्षा एवं निगरानी संबंधी कार्रवाई की जा सके।
मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व को कम करने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा आवश्यक सुरक्षात्मक एवं निगरानी संबंधी उपाय लगातार किए जा रहे हैं।
