भोपाल। मध्यप्रदेश सचिवालय के कर्मचारी 35 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद मिलने वाले चौथे समयमान वेतनमान के लाभ का अब भी इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पात्र कर्मचारियों एवं अधिकारियों को यह लाभ देने के आदेश जारी किए जाने के करीब तीन वर्ष बाद भी सचिवालय के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल सका है।
मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि विभिन्न विभागों के पात्र कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान दिया जा चुका है, लेकिन सचिवालय के साथ विधानसभा और राजभवन के कर्मचारी भी इससे वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि कैरियर प्रोग्रेशन योजना में बने रहने का विकल्प चुनने वाले शिक्षक और पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारियों जैसे संवर्गों को भी बाद में चौथे समयमान का लाभ दे दिया गया। विडम्बना यह है कि जिस सामान्य प्रशासन विभाग की मंजूरी इस लाभ के लिए आवश्यक है, उसके कर्मचारी भी इससे वंचित हैं।
नायक के अनुसार प्रस्ताव करीब तीन वर्षों से लंबित है और अभी तक मंत्रिमंडल के समक्ष स्वीकृति के लिए नहीं रखा गया है। 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों की संख्या सीमित होने के कारण सरकार पर इसका अतिरिक्त वित्तीय भार भी नगण्य होगा।
उन्होंने कहा कि लगातार ज्ञापन और चर्चा के बावजूद समाधान नहीं होने से सचिवालय में आंदोलन की स्थिति बन रही है।
