
नीमच। रतनगढ़ थाना क्षेत्र की डिकेन पुलिस चौकी पर दो डंपर चालकों को हिरासत में लेकर मारपीट करने और छोडऩे के एवज में 50 हजार रुपए मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीडि़तों ने शनिवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। एसपी ने मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को सौंपी है।
यह घटना 6 अगस्त की रात रतनगढ़-डिकेन मार्ग पर हुई थी। रात करीब 9 से 10 बजे एक बस और डंपर क्रमांक आरजे 09-जीसी -6566 के बीच मामूली टक्कर हो गई थी। पीडि़तों का आरोप है कि हादसे के बाद दोनों पक्षों में आपसी सहमति बन गई थी और बस चालक व मालिक ने पुलिस कार्रवाई नहीं कराने की बात कही थी।
इसके बावजूद, डिकेन पुलिस ने डंपर को चौकी में खड़ा करवाकर उसके चालक सावरा गुर्जर और प्रधान मीणा को हिरासत में ले लिया। पीडि़तों ने आरोप लगाया है कि रात करीब 12 बजे चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह चौहान ने दोनों चालकों को छोडऩे के बदले 50 हजार रुपए की मांग की। राशि नहीं देने पर उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
डंपर मालिक बाबूलाल गुर्जर के चौकी पहुंचने के बाद रात में वाहन तो छोड़ दिया गया, लेकिन दोनों चालकों को अगली सुबह तक हिरासत में ही रखा गया।चालकों ने बताया कि अगले दिन विधायक ओमप्रकाश सकलेचा द्वारा चौकी प्रभारी को फोन करने के बावजूद उन्हें नहीं छोड़ा गया।
दबाव बनाकर वीडियो बनाया
बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान के हस्तक्षेप और पुलिस अधीक्षक से बातचीत के बाद दोनों चालकों को रिहा किया गया। चालकों ने आरोप लगाया कि रिहाई से पहले उनसे सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। साथ ही, दबाव बनाकर एक वीडियो रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें उनसे पुलिस द्वारा मारपीट नहीं करने की बात कहलवाई गई।
चौकी व घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने, अपनी मेडिकल जांच करवाने, निष्पक्ष जांच करने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद करेंगे कार्रवाई
नीमच एसपी राजेश व्यास ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और इस संबंध में आवेदन भी आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एएसपी के द्वारा करवाई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
