इंदौर: शहर में मास्टर प्लान की तीन महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण में प्रदेश के कबीना मंत्री बाधक बन कर खड़े हो गए है. उक्त तीनों सड़कों की लागत दो सौ करोड़ रुपए से ज्यादा है. खास बात यह है कि तीनों ही सड़कें अधूरी पड़ी है, जिसमें 70 प्रतिशत राशि खर्च हो चुकी है. इतनी राशि खर्च होने के बाद भी शहर की जनता सुगम यातायात की सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है.
प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट शहर की तीन महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण पूरा होने में बाधक बन कर खड़े है. सांवेर विधानसभा के शहरी हिस्से में सिंहस्थ 28 को लेकर मास्टर प्लान की तीन महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. उक्त तीनों सड़कों में दो बस्ती और एक सड़क में उनके समर्थकों के निर्माण आ रहे हैं. मंत्री सिलावट उक्त तीनों सड़कों को इसलिए नहीं बनने दे रहे है कि उनके करीब 15 सौ वोट गड़बड़ हो जाएंगे, जबकि मंत्री सिलावट 55 हजार से चुनाव जीते है. मंत्री सिलावट को शायद ज्ञात नहीं है कि परिसीमन में सांवेर का शहर से लगा हिस्सा कट जाएगा और नई विधानसभा में शामिल होगा. ध्यान देने वाली बात यह है कि उक्त तीनों सड़कों का सिंहस्थ के दौरान बायपास से सुपर कॉरिडोर इंदौर अहमदाबाद, इंदौर बैतूल नागपुर, आगरा-मुंबई राजमार्गों कर साथ सीधा कनेक्शन होने से भारी यातायात का शहर पर दबाव बहुत कम हो जाएगा. आईडीए, प्रशासन और सिंहस्थ से जुड़ी तैयारियों को लेकर ही उक्त तीनों सड़कों का निर्माण कर रहे हैं. दो सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की लगत वाली सड़कों पर निर्माण एजेंसी आईडीए का 150 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुका है. ठेकेदार एजेंसी भी साइट क्लियर नहीं होने से समय सीमा निकलने की समस्या से परेशान हो रही है. इस बारे में मंत्री सिलावट को कॉल किया था, उनके पीए ने कॉल रिसीव किया. उन्होंने कहा कि एक बैठक में है. बैठक से फ्री होने के बाद बात करवा दूंगा.
मास्टर प्लान की तीन निम्न सड़कों के बाधक मंत्री
1. एमआर 12 सड़क, मास्टर प्लान की लवकुश चौराहे से बायपास को जोड़ने वाली 9 किलोमीटर लंबी और दो सौ फीट चौड़ी
– बाधक – 1.2 किलोमीटर में 12 सौ रहवासियों की बस्ती
– लागत 85 करोड़ रुपए, निर्माण 70 प्रतिशत,
– सड़क के शेष अधूरे हिस्से में पुल निर्माण , जो शुरू होने वाला है और बस्ती का हिस्सा हटाना।
2. एम आर 11 सड़क, मास्टर प्लान की बायपास से देवास नाका को जोड़ने वाली साढ़े तीन किलोमीटर लंबी और 250 चौड़ी सड़क।
– बाधक – सड़क के 5 सौ मीटर हिस्से में 235 कच्चे पक्के मकानों की बस्ती, सड़क लागत 73 करोड़ रुपए, निर्माण 80 प्रतिशत , खर्च 60 करोड़ रुपए।
– सड़क के शेष हिस्से का अधूरे निर्माण में सिर्फ बस्ती और दो कॉलोनियों का 50 मीटर का हिस्सा हटाना।
3. मास्टर प्लान की एडवांस एकेडमी स्कूल से निरंजनपुर चौराहे तक 3.5 किलोमीटर लंबी और 100 सौ फीट चौड़ी
– बाधक – मंत्री सिलावट समर्थक किशोर पटेल और अन्य के चौड़ाई में बाधक निर्माण
– सड़क के शेष हिस्से का अधूरे निर्माण कार्य बंद पड़ा है, जबकि एडवांस एकेडमी स्कूल से निपानिया गांव तक आठ सौ मीटर लंबी 100 फीट चौड़ी सड़क बन चुकी है। सड़क की लागत 45 करोड़ रुपए और करीब दो किलोमीटर हिस्से का निर्माण बाकी.
समर्थकों के साथ एसीएस से मिलने गए थे
मंत्री तुलसी सिलावट पिछले हफ्ते एसीएस संजय दुबे के पास कुछ समर्थकों के साथ भोपाल मिलने गए थे. बताया जा रहा है कि मंत्री सिलावट ने एसीएस दुबे से एडवांस एकेडमी से निरंजन पुर चौराहे तक वाली सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग की. मंत्री ने कहा कि सड़क 100 फीट की बजाय 70 फीट कर दें. मंत्री सिलावट को ज्ञात नहीं है कि मास्टर प्लान की सड़क की चौड़ाई कम नहीं की जा सकती है, क्योंकि उसका गजट नोटिफिकेशन होता है., इसको क्या माना जाए कि एक काबीना मंत्री एक अधिकारी से मिलने गए, जो प्रोटोकॉल के अनुसार अनुचित है. सिर्फ मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से मिलने का नियम है, बाकी अधिकारियों को मंत्री से मिलने आने का प्रोटोकॉल है.
शहर के पश्चिम क्षेत्र की जीवन रेखा सड़क में बाधक बने हुए हैं विधायक मधु वर्मा. चार दिन पहले चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड़ को जोड़ने वाली सड़क का मुद्दा उठाया है नव भारत ने.
जल्द ही मामले सुलझा लेंगे
इस बारे में मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि अभी एडवांस एकेडमी वाली सड़क को 100 फीट की जगह 80 फिट चौड़ी करवाने का तय किया गया है. अब जल्दी ही एमआर 11 और एमआर 12 सड़क का मामला सुलझा लेंगे. तीनों सड़कें मेरे क्षेत्र में आती है.
