गया, 07 अगस्त (वार्ता) बिहार के गया जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुशील कुमार ने शुक्रवार को बताया कि सूचना मिली थी कि शहर के व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड स्थित मोती मणि अपार्टमेंट के चौथे तल पर बाहरी राज्यों के कुछ लोग किराये पर रहकर संगठित तरीके से साइबर ठगी का संचालन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर गठित संयुक्त टीम ने फ्लैट संख्या-04 (सी) में छापेमारी की।
उन्होंने बताया कि पुलिस के पहुंचते ही फ्लैट में मौजूद नौ युवक लैपटॉप और मोबाइल पर ऑनलाइन गतिविधियों में संलग्न मिले। पुलिस को देखकर वे अपने उपकरण बंद करने लगे, लेकिन सभी को तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान 15 मोबाइल फोन, छह लैपटॉप, 22 विभिन्न बैंकों के एटीएम, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, चार लैपटॉप चार्जर, पांच माउस, एक वाई-फाई मशीन, 500 जीबी हार्ड डिस्क, एक्सटेंशन वायर, एक नोटबुक तथा 9,500 रुपये नकद बरामद किए गए।
एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। इसके लिए वे एनीडेस्क , अल्ट्राविवर और पोर्ट एसआइपी क्लाइंट जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते थे। सहायता के नाम पर पीड़ितों के मोबाइल या कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर टेक्स्टप्लस जैसे एप्लिकेशन से फर्जी पहचान तैयार करते और बैंक खातों तथा व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच बना लेते थे। इसके बाद लिंक और ओटीपी के माध्यम से खातों से रुपये निकालकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नावेद अनवर, अफजल हुसैन, ओसामा परवेज, सदाशिव मान, इंजमाम आलम, सलमान, अदनान अहमद, जीमल हुसैन तथा मोहम्मद शाहिद के रूप में की गई है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
