
नीमच। माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए इस बार सख्त व्यवस्था लागू की जा रही है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की त्रैमासिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र के प्रत्येक पेज पर संबंधित स्कूल की अलग पहचान होगी। यदि परीक्षा का पेपर लीक होता है तो उस प्रश्नपत्र से संबंधित स्कूल का डीआईएस कोड पता चल सकेगा।प्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की त्रैमासिक परीक्षाएं 7 से 17 सितंबर तक आयोजित होंगी। परीक्षा को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय और एमपी बोर्ड ने टाइम-टेबल के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रश्नपत्र तैयार करने से छपाई तक निगरानी
इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी छपाई और स्कूलों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। राज्य स्तर से जारी ब्लूप्रिंट के आधार पर माध्यमवार प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य के माध्यम से प्रश्नपत्र तैयार करवाएंगे।
इसके बाद आकंलन प्रकोष्ठ से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह प्रक्रिया 2 सितंबर तक पूरी करने के निर्देश हैं। इसके बाद 3 सितंबर तक सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को सीलबंद लिफाफों में प्रश्नपत्र पहुंचाए जाएंगे।
प्रिंटिंग के बाद सॉफ्ट कॉपी डिलीट करना जरूरी
प्रश्नपत्रों की फोटो कॉपी या प्रिंटिंग करानी पडऩे पर संबंधित दुकान पर अधिकृत शिक्षक की मौजूदगी अनिवार्य होगी। साथ ही शिक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रिंटिंग के बाद प्रश्नपत्र की सॉफ्ट कॉपी कंप्यूटर, प्रिंटर या अन्य सिस्टम से पूरी तरह डिलीट कर दी गई है।
प्रश्नपत्र के प्रत्येक पेज पर स्कूल की पहचान होने से परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की स्थिति में यह पता लगाने में आसानी होगी कि प्रश्नपत्र किस स्कूल से बाहर पहुंचा था।
7 से 17 सितंबर तक होंगी परीक्षाएं
जारी टाइम-टेबल के अनुसार कक्षा 9वीं और 10वीं की परीक्षाएं सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक तथा कक्षा 11वीं और 12वीं की परीक्षाएं दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा के बाद भी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित होंगी। मूल्यांकन के बाद विद्यार्थियों को उनकी गलतियां बताई जाएंगी और कठिन विषयों पर उपचारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। 21 सितंबर को पीटीएम आयोजित होगी, जबकि परीक्षा के परिणाम 25 सितंबर तक पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
