नयी दिल्ली, एशियाई खेल क्या हैं, ये क्यों खेले जाते हैं? जानें एशियाड का पूरा इतिहास, सभी खेलों की सूची और इसमें टीम इंडिया के शानदार सफर की कहानी।
एशियाई खेल, जिन्हें ‘एशियाड’ भी कहा जाता है, ओलंपिक खेलों के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट है। हर चार साल में होने वाले इस बड़े इवेंट में पूरे महाद्वीप के बेहतरीन खिलाड़ी एक साथ आते हैं और सबसे ऊंचे लेवल पर मुकाबला करते हैं। यहां इसके इतिहास, मकसद, इसमें हिस्सा लेने वाले देशों और खेलों के बारे में सारी जानकारी सरल तरीके से दी गई है।
एशियाई खेल क्यों खेले जाते हैं?
एशियाई खेलों का मुख्य मकसद खेलों के जरिए एशियाई देशों के बीच शांति, एकता और दोस्ती को बढ़ावा देना है। दूसरे विश्व युद्ध की तबाही के बाद एशियाई नेता एक ऐसा मंच बनाना चाहते थे जो पूरे महाद्वीप में मजबूत सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध बनाए जिससे देश एक एकजुट वैश्विक मंच पर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
ये कब और कहां शुरू हुए?
सबसे पहले एशियाई खेल 1951 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किए गए थे। ये विचार भारतीय खेल प्रशासक गुरु दत्त सोंधी ने दिया था और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इसका जोरदार समर्थन किया था।
उस पहले इवेंट में जापान ने मेडल तालिका में शीर्ष पर रहकर इतिहास रचा और पहले एशियाई खेलों का ओवरऑल विजेता बना साथ ही उसने 24 गोल्ड मेडल जीते। शुरुआत में ‘एशियाई खेल महासंघ’ द्वारा प्रबंधित ये इवेंट 1982 से ‘ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया’ द्वारा संचालित किया जा रहा है।
टीम इंडिया की ऐतिहासिक विरासत
एशियाड के जन्मस्थान और संस्थापक देश के रूप में एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का एक बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। भारत ने दो बार इन खेलों की मेजबानी की और दोनों बार नई दिल्ली में पहला 1951 का संस्करण और 1982 का संस्करण किया।
पहले अग्रणी- 1951 के खेलों में, सचिन नाग ने 100 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी इवेंट में भारत का पहला एशियाई खेल गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा।
गोल्डन ट्रैक का दौर- मिल्खा सिंह और पी.टी. उषा जैसे महान खिलाड़ियों ने 1958 और 1986 के संस्करणों में ट्रैक पर अपना दबदबा बनाया और एथलेटिक्स में भारत की श्रेष्ठता साबित की।
100 का मील का पत्थर- हाल ही में हुए हांग्जो खेलों में भारत ने इतिहास में पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार करके अपने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए और कुल 107 मेडल 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज जीते।

कौन-कौन से देश हिस्सा लेता है?
आज, एशियाई खेलों में 45 देश और इलाके हिस्सा लेते हैं। इन टीमों का प्रतिनिधित्व उनकी संबंधित राष्ट्रीय ओलंपिक समितियां करती हैं।
हिस्सा लेने वाले 45 प्रतिनिधिमंडलों में ये शामिल हैं- अफगानिस्तान, बहरीन, बांग्लादेश, भूटान, ब्रुनेई, कंबोडिया, चीन, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, जापान, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, मकाऊ, मलेशिया, मालदीव, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, उत्तर कोरिया, ओमान, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, फिलीपींस, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, सीरिया, ताइवान, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, पूर्वी तिमोर, तुर्कमेनिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, वियतनाम और यमन।
