भोपाल: किसान की बहुमूल्य जमीन की रजिस्ट्री जानबूझकर कम कीमत में कराने और दो करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के मालिक एवं रियल एस्टेट कारोबारी राजेश शर्मा पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने शिकंजा कस दिया है। इस गंभीर वित्तीय अपराध के तहत 9 जून को केस दर्ज किया गया था।
जांच में सहयोग नहीं करने पर शर्मा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है, जिससे अब देश छोड़ना उनके लिए संभव नहीं होगा। ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए शर्मा को पांच बार नोटिस भेजे, लेकिन उसने एक का भी जवाब नहीं दिया। बताया गया कि केस दर्ज होने से पहले तीन, और दर्ज होने के बाद दो नोटिस भेजे गए थे। सूत्रों के अनुसार शर्मा पर पहले से भी कई आर्थिक अनियमितताओं के आरोप हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जमीन की कीमत करोड़ों में होने के बावजूद, जानबूझकर उसे कम दर पर दर्शाया गया और शेष राशि गुप्त रूप से लेन-देन कर हड़प ली गई। अब ईओडब्ल्यू इस मामले में दस्तावेजी साक्ष्य और आर्थिक लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है
