जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने अपने एक अहम आदेश में कहा कि सरकारी वसूली में कानून और प्रक्रिया भी जरूरी है। इसी के साथ मंडला जिले की ग्राम पंचायत बिनैका की सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ प्रस्तावित 4.93 लाख रुपये की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
दरअसल सरपंच अनुसुइया परस्ते और पंचायत सचिव विपिन पटेल ने 29 जून 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनसे 4,93,942 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई थी। आवेदकों की ओर से दलील दी गई कि वसूली का आदेश विधि सम्मत नहीं है। मामले में हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि सरकारी राशि की वसूली का अधिकार होने के बावजूद संबंधित प्राधिकारी कानून और निर्धारित प्रक्रिया से बाहर जाकर कार्रवाई नहीं कर सकते। प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया और स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक विवादित आदेश के आधार पर याचिकाकर्ताओं से किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी।
