सतना: शहर स्थित कृषि उपज मंडी की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मंडी परिसर से बाहर निकलने वाले वाहनों से निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों द्वारा नकद राशि वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इस नकद लेनदेन के बदले वाहन चालकों को किसी भी तरह की रसीद या पावती नहीं दी जा रही है। नियमानुसार प्रवेश के दौरान तो शुल्क तय है, लेकिन निकासी के वक्त बिना रसीद पैसे लिए जाने से मंडी प्रशासन की पारदर्शिता पर गहरे सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सतना मंडी परिसर में प्रवेश करने वाले बड़े वाहनों से नियमानुसार गेट पास शुल्क लिया जाता है, जिसकी बाकायदा रसीद कटती है। लेकिन असली खेल मंडी से बाहर निकलते वक्त शुरू होता है। मंडी से बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए शासन या प्रशासन की ओर से कोई अतिरिक्त शुल्क निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद, मुख्य द्वार पर तैनात निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्ड वाहन चालकों को रोककर नकद राशि मांगते हैं।
दबाव बनाकर वसूली, कोई लेखा-जोखा नहीं
मंडी से बाहर निकलते समय सुरक्षा गार्ड उन पर पैसे देने का दबाव बनाते हैं। पैसे न देने पर वाहनों को रोकने और विवाद करने की नौबत आ जाती है। बिना किसी आधिकारिक रसीद के ली जा रही यह रकम किस मद में जमा हो रही है और इसका हिसाब किसके पास है, इसका कोई जवाब किसी के पास नहीं है। बिना पावती के हो रही इस नकद वसूली से साफ जाहिर होता है कि सरकारी व्यवस्था और मंडी के नाम पर यह सीधा-सीधा अवैध वसूली हो रही है।
मंडी उपसंचालक करुणेश तिवारी ने कहा कि फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में शिकायत या तथ्य सामने आते हैं, तो मामले की जांच कर नियमानुसार संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
