सतना :लापता युवक का शव मिलने के बाद जिले के जसो थाना क्षेत्र में भडक़े जनाक्रोश का असर अगले दिन भी देखने को मिला. एक ओर जहां 4 सूत्रीय मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के आश्वासन बाद परिजन किसी तरह शव लेने को राजी हो गए. वहीं दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन का दौर फिर से न शुरु हो गए इसे लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह चाक चौबंद नजर आया.जिले के जसो थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोस्ट अमकुई निवासी और पिछले 3 दिन से लापता युवक अतुल कुशवाहा का शव मंगलवार की सुबह मिलने के बाद आस पास के क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश फैल गया था. इस मामले में पुलिस द्वारा समय रहते कार्रवाई न करने के चलते अतुल की मौत का गंभीर आरोप लगाते हुए परिजन और ग्रामीणों ने एफआरवी वाहन सहित पुलिस कर्मियों पर पथराव कर दिया था. इसी कड़ी में आक्रोशित महिलाओं द्वारा पुलिस कर्मियों के साथ झूमाघ्टकी किए जाने की घटना भी सामने आई.
इतना ही नहीं बल्कि एसडीओपी कार्यालय नागौद का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन तक किया गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक प्रेम लाल कुर्वे के नेतृत्व तीन थानों के बल द्वारा मोर्चा संभालने के साथ ही समझाइस देने का प्रयास भी किया जाता रहा. घंटो चले हंगामे के बाद किसी तरह शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजे जाने पर सहमति बन सकी. वहीं अगले दिन जब जिला चिकित्सालय की मर्चुरी में मृतक युवक का पोस्टमार्टम किया गया तो बाहर खासी संख्या में लोग की मौजूदगी देखने को मिली. जिसे देखते हुए पुलिस द्वारा भी चाक चौबंद व्यवस्था सुनिश्चत करने का प्रयास जारी रखा गया. पुलिस को इस बात का अंदेशा भी था कि पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपने के बाद एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन शुरु हो सकता है. जिसके चलते महकमे को एलर्ट मोड पर रखा गया था.
उच्च स्तरीय जांच की मांग
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को परिजन और ग्रामीण खासी संख्या में एसडीओपी कार्यालय नागौद के बाहर धरने पर बैठे रहे. परिजनों की मांग थी कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, थाना प्रभारी और बीट प्रभारी को निलंबित किया जाए घटना में संलिप्त सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए और परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए. पुलिस द्वारा उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पूरी तरह निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी. वहीं पुलिस ने यह कहा कि मुआवजे का मामला उनके कार्यक्षेत्र के बाहर का विषय है. काफी देर तक गहमा-गहमी के बाद परिजन किसी तरह शव लेने को राजी हो गए. जिसके बाद उनमें से कुछ सदस्य शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज रवाना हो गए.
