वॉशिंगटन, 05 अगस्त (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जहां होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौते का दावा किया है, वहीं ईरानी अधिकारियों और मीडिया ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि ओमान के साथ चल रही बातचीत का इस समुद्री मार्ग को खोलने से कोई संबंध नहीं है।
श्री ट्रम्प ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज से बात करते हुए समझौते की उम्मीद जतायी और कहा कि होर्मुज पर ‘आज या कल’ कोई घोषणा हो सकती है।
श्री ट्रम्प ने जलमार्ग पर अंतरिम समझौते की घोषणा करने की अमेरिका की कोशिशों से जुड़ी रिपोर्टों पर कहा, “काफी प्रगति हुई है। उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि कृपया आइए बात करते हैं। वे बात करना चाहते हैं।” उन्होंने चेतावनी भी दी, “इस जलडमरूमध्य को बहुत जल्द खोल दिया जायेगा या फिर ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया जायेगा।”
ईरान ने हालांकि तुरंत इन दावों को खारिज कर दिया। ईरान के सरकारी प्रसारक ‘आईआरआईबी’ ने बुधवार को रिपोर्ट दी कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण रखने वाले ईरान-ओमान के बीच भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते का जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने से कोई संबंध नहीं है।
आईआरआईबी ने अनाम सूत्र के हवाले से कहा, “यदि अमेरिका अपना उल्लंघन जारी रखता है, तो भले ही ईरान-ओमान किसी समझौते पर पहुंच जाएं, फिर भी होर्मुज को नहीं खोला जायेगा।” ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता हसन गशगावी ने भी श्री ट्रम्प के आकलन को खारिज कर दिया। ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी ‘मीजान’ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि होर्मुज किसी भी परिस्थिति में युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेगा।
श्री गशगावी ने कहा, “हम उस दक्षिणी कॉरिडोर को स्वीकार नहीं करेंगे, जिसे अमेरिका दबाव और धमकियों के जरिये थोपना चाहता था।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान-ओमान के बीच बातचीत द्विपक्षीय है और इसका अमेरिका से कोई संबंध नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ओमान के साथ बातचीत जारी है। इस चर्चा का मुख्य ध्यान दोनों देशों के संप्रभु अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करते हुए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के मार्ग स्थापित करने पर है।
होर्मुज, जहां से सामान्य तौर पर दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है, इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका-इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद कुछ अवधि को छोड़कर पूरी तरह से बंद है। ईरान ने यहां से व्यावसायिक आवाजाही पर रोक लगा रखी है।
यह नाकेबंदी अमेरिका-ईरान के बीच जून में हुए युद्धविराम समझौते के टूटने की भी मुख्य वजह बनी। दोनों पक्ष समझौते पर बातचीत के दौरान लड़ाई रोकने पर सहमत हुए थे, लेकिन जलडमरूमध्य के आसपास फिर से हुए टकराव के कारण अमेरिकी सैन्य हमले दोबारा शुरू हो गये, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ गया।
इस गतिरोध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर लगातार पड़ रहा है। शुरुआती गिरावट के बाद बुधवार को तेल की कीमतों में तेजी आयी, जो इस समुद्री मार्ग के भविष्य को लेकर अनिश्चितता को दर्शाती है। ब्रेंट क्रूड करीब 1.3 फीसदी चढ़कर लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) लगभग 0.6 फीसदी बढ़कर 76 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
इसके अलावा, सीएनएन ने मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान प्रमुख मिसाइल रक्षा इंटरसेप्टर का अमेरिकी सैन्य भंडार काफी कम हो गया है। एक प्रमुख वायु रक्षा प्रणाली के लगभग 80 फीसदी इंटरसेप्टर पहले ही इस्तेमाल किये जा चुके हैं।
