नागोया (जापान), 19 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के महानिदेशक और वर्ल्ड एक्वाटिक्स के अध्यक्ष कैप्टन हुसैन अल-मुसल्लम से एशियाई महासंघों के साथ भारत के खेल सहयोग को बढ़ाने और देश के एक्वाटिक स्पोर्ट्स पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने को लेकर चर्चा की।
डॉ. मांडविया और अल-मुसल्लम ने भारत के राष्ट्रीय खेल महासंघों और उनके संबंधित एशियाई महासंघों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा के साथ ही जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाने और एक्वाटिक खेलों में युवा प्रतिभाओं के लिए रास्ते बनाने के तरीकों पर भी विचार किया। डॉ. मांडविया ने सोशल मीडिया पर बताया, “जापान के नागोया में 20वें एशियाई खेल आइची-नागोया 2026 के दौरान ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के महानिदेशक और वर्ल्ड एक्वाटिक्स के अध्यक्ष कैप्टन हुसैन अल-मुसल्लम के साथ बैठक की।
हमने भारत के राष्ट्रीय खेल महासंघों और उनके संबंधित एशियाई महासंघों के बीच सहयोग को मजबूत करने और भारत में एक्वाटिक खेलों को और विकसित करने के तरीकों पर चर्चा की। जिसमें जमीनी स्तर पर भागीदारी और युवा प्रतिभाओं को निखारने पर ध्यान दिया गया। बातचीत में भागीदारी बढ़ाने और एक्वाटिक खेलों में प्रतिभा विकास का एक मजबूत रास्ता बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।” केन्द्रीय खेल मंत्री ने कहा कि ओसीए ने विभिन्न एशियाई-स्तरीय चैंपियनशिप की मेजबानी करने की भारत की तत्परता का स्वागत किया है, जो महाद्वीप में खेल सहयोग और विकास को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने लिखा, “ओसीए ने विभिन्न एशियाई-स्तरीय चैंपियनशिप की मेजबानी करने की भारत की तत्परता का स्वागत किया, जो महाद्वीप में खेल सहयोग और विकास को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” डॉ. मांडविया एशियाई खेलों के लिए नागोया में हैं, जहां भारत कई खेल स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहा है। केन्द्रीय मंत्री आज यहां आधिकारिक उद्घाटन समारोह के समय स्टेडियम में मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा के साथ एशियाई खेलों के आधिकारिक स्वागत समारोह में भी भाग लिया। इस इवेंट के अपने अनुभव को साझा करते हुए मांडविया ने कहा, “जापान की शानदार मेहमाननवाज़ी और समृद्ध संस्कृति का अनुभव कर रहा हूं। मुझे 20वें एशियाई खेल आइची-नागोया 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होने और पारंपरिक जापानी उत्सव ‘कागामी-बिराकी’ में भाग लेने का सौभाग्य मिला। गर्मजोशी भरे स्वागत और शानदार मेहमाननवाज़ी के लिए आभारी हूं।
एशियाई और वैश्विक खेल समुदाय के दोस्तों से दोबारा मिलकर भी बहुत खुशी हुई। यह देखकर अच्छा लगा कि भारत की खेल प्रगति और उसके भविष्य को लेकर हर कोई कितना उत्साहित है।”
