
जबलपुर। मुख्यालय मध्य भारत एरिया के तत्वावधान में शुक्रवार को जबलपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित बत्रा ऑडिटोरियम में भविष्य की ड्रोन तथा प्रति-ड्रोन तकनीक विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक ड्रोन तकनीक, इसके सैन्य उपयोग, उभरते खतरों तथा उनसे निपटने के लिए काउंटर-ड्रोन प्रणालियों की भूमिका पर जानकारी साझा करना था। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मध्य भारत एरिया की उपस्थिति में लगभग 50 सैन्य अधिकारी, 70 जूनियर कमीशंड ऑफिसर तथा करीब 500 जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का संचालन रोबुज़ संस्था द्वारा किया गया, जो मानवरहित हवाई वाहन तकनीक, ड्रोन फॉरेंसिक, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और भविष्य के युद्ध अनुप्रयोगों में विशेषज्ञता रखती है। व्याख्यान-सह-प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को ड्रोन संयोजन, परिचालन उपयोग, पहचान, निरीक्षण प्रणाली तथा युद्ध क्षेत्र में इसके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में भारत के ड्रोन मैन के नाम से प्रसिद्ध मिलिंद राज ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ड्रोन, झुंड तकनीक, स्वायत्त प्रणालियों, पहचान, ट्रैकिंग, सिग्नल अवरोधन एवं निष्क्रिय करने जैसी आधुनिक अवधारणाओं पर प्रकाश डाला। इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में ड्रोन और प्रति-ड्रोन संचालन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों व समाधानों पर चर्चा हुई। समापन अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल शेखावत ने कहा कि ऐसी तकनीकी कार्यशालाएं सुरक्षा बलों की दक्षता, तत्परता और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ बनाती हैं।
