जबलपुर: कुण्डम थाना अंतर्गत साताबेली निवासी एक 21 वर्षीय नवविवाहिता को उसकी दो मासूम जुड़वां बेटियों के साथ ससुराल वालों ने दहेज के लिए मारपीट कर उसके कमरे में बंद कर भूखा, प्यासा रखा बल्कि बाद में घर से निकाल दिया है। पीडि़त महिला ने अब पुलिस अधीक्षक के समक्ष आवेदन देकर न्याय और अपनी बेटियों के हक की गुहार लगाई है।
शिकायत के अनुसार कुण्डम तहसील के ग्राम साताबेली निवासी मधु झारिया (21) का विवाह लगभग दो वर्ष पूर्व डिंडोरी जिले के शहपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम डुकरीगौंव निवासी बसंत झारिया के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही पति बसंत झारिया, सास सुहागा बाई और ससुर मुनीम झारिया ने महिला को कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। पीडि़ता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ससुराल वाले उसे अक्सर कई-कई दिनों तक कमरे में बंद कर देते थे और खाना-पानी तक नहीं देते थे।
जब पीडि़ता गर्भवती थी, तब भी उसके साथ रहम नहीं किया गया। शादी के बाद पीडि़ता ने दो जुड़वां बेटियों को जन्म दिया, जो अब महज 8 महीने की हैं। बेटियों के जन्म के बाद ससुराल वालों का अत्याचार और बढ़ गया। महिला का आरोप है कि उसका पति और सास-ससुर लगातार मायके से एक मोटरसाइकिल और 50,000 नगद लाने का दबाव बना रहे हैं। मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने महिला को बेरहमी से पीटकर घर से निकाल दिया।
