सतना: शहर के बृजनंदन मिश्रा एवं श्रीमती ममता मिश्रा की पुत्री वैष्णवी मिश्रा ने जापान सरकार की प्रतिष्ठित मेक्स्ट छात्रवृत्ति 2027 के लिए दूतावास स्तर की कठिन चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नई दिल्ली स्थित जापान दूतावास ने लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के आधार पर उन्हें शोध (पीएच.डी.) श्रेणी में जापान के शिक्षा मंत्रालय के लिए नामांकित किया है।
इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति हेतु इस वर्ष पूरे भारत से 7,303 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से पीएच.डी. (शोध) श्रेणी में चयनित होने वाले अभ्यर्थी कुल आवेदकों का लगभग 0.06 प्रतिशत ही रहे। इस अत्यंत कठिन प्रक्रिया को उत्तीर्ण कर वैष्णवी ने विशेष उपलब्धि अर्जित की है।
पूर्णतः वित्त-पोषित इस छात्रवृत्ति के अंतर्गत वैष्णवी को प्रतिमाह लगभग 1,45,000 का निर्वाह भत्ता एवं अतिरिक्त भत्ता, संपूर्ण ट्यूशन शुल्क, हवाई किराया एवं निःशुल्क जापानी भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।वैष्णवी, दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज एवं पूर्वी एशियाई अध्ययन विभाग से 80% अंकों के साथ स्नातकोत्तर उत्तीर्ण हैं। वर्तमान में वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एल एस ई) की भी छात्रा हैं तथा जापानी भाषा में प्रशिक्षित हैं (एन 3–एन 2 स्तर के पाठ्यक्रम में अध्ययनरत)।
उनके तीन शोध-पत्र एवं एक समाचार-पत्र लेख प्रकाशित हो चुके हैं। वे इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक साइंसेज, बेलग्रेड (सर्बिया) एवं इकोल पॉलिटेक्निक फ्रांस में शोध अध्येता के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने जापान के होक्काइडो विश्वविद्यालय में शोध-अध्ययन किया, जो दिल्ली विश्वविद्यालय एवं होक्काइडो विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से वित्त-पोषित रहा।उनका शोध जापान की घटती जन्मदर एवं संबंधित नीतियों पर केंद्रित है, एक ऐसा विषय जो भविष्य में भारत के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। इस उपलब्धि पर वैष्णवी ने अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
