सीहोर। शहर के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज शुरू से ही विवादों के घेरे में रहा है. निर्माण कार्य प्रारंभ होने के समय जहां क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों ने भूख हड़ताल कर विरोध दर्ज कराया था, वहीं कांग्रेस ने भी चरणबद्ध आंदोलन चलाए थे. अब एक बार फिर आरओबी की कनेक्टिविटी और वैकल्पिक मार्ग की अव्यवस्थाओं को लेकर सीनियर सिटीजन फोरम ने मोर्चा खोलते हुए संभागायुक्त के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है. फोरम ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नागरिकों के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए स्थायी समाधान की मांग की है.
शहर के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. आरओबी निर्माण शुरू होने के समय से ही इसके डिजाइन, सर्विस रोड और कनेक्टिविटी को लेकर लगातार विरोध होता रहा है. क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों ने भूख हड़ताल तक की थी, जबकि कांग्रेस ने भी कई चरणों में प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था. बावजूद इसके स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उनकी प्रमुख समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है.
इसी क्रम में मंगलवार को सीनियर सिटीजन फोरम, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ने संभागायुक्त के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा गत 3 जुलाई को पारित आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया कि न्यायालय ने प्रभावित नागरिकों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है. साथ ही कलेक्टर एवं पीडब्ल्यूडी को निर्धारित समय-सीमा में आवेदन पर विचार कर कारणयुक्त आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं. फोरम ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में बनाया गया वैकल्पिक मार्ग संकरा, अव्यवस्थित और जोखिमपूर्ण है. यहां प्रतिदिन यातायात बाधित होता है तथा दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है. भारी वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है.
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आरओबी निर्माण के कारण एक तरफ की सर्विस रोड बंद होने से हजारों रहवासियों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है. इसका असर केवल आम नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और स्कूल बस जैसी सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जिन्हें कॉलोनियों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
सीनियर सिटीजन फोरम ने मांग की है कि पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री एवं तकनीकी विशेषज्ञ मौके का निरीक्षण कर हाईकोर्ट की मंशा के अनुरूप आरओबी के दोनों ओर सुगम, सुरक्षित और स्थायी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करें. फोरम का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे इस विवाद का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि रहवासियों को होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके.
