बालाघाट: जिले की लांजी तहसील के ग्राम अमेडा ब निवासी कमलाबाई और उनका पुत्र गज्जू 11 सितंबर को महाराष्ट्र के चिंगलुटोला गांव से लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। दोनों मां-बेटे छोटी बाघ नदी के रपटे से गुजर रहे थे, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वे लहरों में बह गए। यह घटना ठेमा गांव के पास बड़े घोघरा क्षेत्र में शाम करीब साढ़े चार बजे घटी।
सूचना मिलते ही एमपी बहेला पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण पहले दिन सफलता नहीं मिल सकी। अगले दिन सुबह से संयुक्त टीमें बोट और अन्य उपकरणों की मदद से तलाश में जुटीं, हालांकि दोपहर तक कोई सुराग नहीं मिला।
गौरतलब है कि बड़े घोघरा क्षेत्र में पीएचई विभाग ने करीब 15 वर्ष पूर्व पानी रोकने के लिए एक रपटे का निर्माण कराया था। यह रपटा बरसात के दिनों में बेहद जोखिमभरा साबित होता है, क्योंकि उस पर काई जमने से फिसलन बढ़ जाती है। इसी रपटे से गुजरते समय पूर्व में भी दो लोगों की मौत हो चुकी है।
