सोईकला स्थित एमएसएमई नीति के तहत संचालित राधारमण राइस मिल का निरीक्षण किया

श्योपुर: कृषि प्रधान श्योपुर जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को नई गति देने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। कलेक्टर शीला दाहिमा ने मंगलवार को सोईकला स्थित एमएसएमई नीति के तहत संचालित राधारमण राइस मिल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के चावल को राष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ निर्यात (एक्सपोर्ट) से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि श्योपुर में धान और गेहूं का भरपूर उत्पादन होता है। ऐसे में खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक उद्यमियों को फूड प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में तीन राइस मिल संचालित हैं, जबकि तीन नई मिलें निर्माणाधीन हैं। इन इकाइयों के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों को मूल्य संवर्धन के साथ निर्यात बाजार तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएं।

कलेक्टर ने कहा कि एमएसएमई नीति के तहत फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को शासन द्वारा 60 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग से जुड़ने वाले उद्योगों को अतिरिक्त 2 से 3 प्रतिशत वार्षिक प्रोत्साहन का लाभ भी मिल सकता है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने धान से चावल तैयार होने की पूरी प्रक्रिया, ग्रेडिंग, कलर सॉर्टिंग और धान के छिलके के उपयोग की जानकारी ली। राधारमण राइस मिल के प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि सीजन के दौरान मिल में प्रति घंटे 12 टन चावल की प्रोसेसिंग होती है। धान के छिलकों का उपयोग बॉयलर संचालन में किया जाता है, जबकि शेष अवशेष ब्रिकेट्स बनाने वाली इकाइयों को भेजा जाता है।

उन्होंने बताया कि करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह पूर्णतः ऑटोमैटिक प्लांट अत्याधुनिक सेंसर तकनीक से संचालित होता है। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में पूरा सिस्टम स्वतः बंद हो जाता है। मिल में चावल की गुणवत्ता के अनुसार ग्रेडिंग और कलर सॉर्टिंग की आधुनिक मशीनें लगी हैं। वर्तमान में यहां तैयार चावल दिल्ली और गांधीधाम पोर्ट तक भेजा जा रहा है तथा निर्यात की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं।

राइस मिल से लगभग 140 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है। साथ ही ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए परिसर में 500 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परिसर में अमरूद का पौधा लगाकर पौधरोपण किया। इस अवसर पर राइस मिल प्रबंधन ने उनका स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम नागदा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटित 10 हेक्टेयर भूमि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि विकास कार्य शीघ्र पूरा कर लघु एवं मध्यम उद्योगों को भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है।

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