श्रीनगर (वार्ता) नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि राज्य का दर्जा कोई तोहफा नहीं है बल्कि यह लोगों का अधिकार है जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी।
डॉ अब्दुल्ला ने पुलवामा में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए कहा “राज्य का दर्जा कोई तोहफा नहीं बल्कि यह लोगों का अधिकार है, जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी और जिसका वादा सत्तारुढ़ सरकार ने बार-बार किया है।” उन्होंने जोर दिया कि जम्मू कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली कोई रियायत नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने क्षेत्र में पूर्ण लोकतांत्रिक सत्ता की तत्काल वापसी का आह्वान किया।
बैठक में पार्टी मामलों और सार्वजनिक मुद्दों की समीक्षा की गई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि श्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार इन चुनौतियों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे की आलोचना करते हुए कहा कि यह वास्तविक शासन में बाधा है।
उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर न केवल भूमि के मामले में बल्कि अपनी बहुस्तरीय संस्कृति के मामले में भी बहुत बड़ा है। केंद्र शासित प्रदेश के सीमित ढांचे के तहत इस पर शासन करना बिना हवा के पतंग उड़ाने जैसा है।”
