इंदौर: आईडीए शहर में 10वें फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव पारित कर रहा है. इसके पहले आईडीए शहर को 7 फ्लाई ओवर ब्रिज की सौगात दे चुका है. खास बात यह है कि शहर के पहले डबल डेकर ब्रिज का काम अंतिम चरण में हैं और रोबोट चौराहे पर टेंडर जारी होने वाले हैं. इस बीच आईडीए शहर में एक ओर फ्लाई ओवर ब्रिज का प्रस्ताव लेकर तैयारी में जुटा है, जिसकी पहली मंजूरी पूर्व संभागायुक्त देकर गए हैं.
इंदौर विकास प्राधिकरण शहर में विकास और जन सुविधा देने का सबसे तेज और स्थाई माध्यम बन चुका है. पिछले साल एक साथ पूर्वी रिंग रोड़ खजराना, बीआरटीएस भंवरकुआ, पश्चिमी रिंग रोड़ फूटी कोठी और एमआर-10, लवकुश चौराहे पर चार फ्लाई ओवर ब्रिज की सौगात दी थी, जिससे शहर के यातायात को सुचारू संचालन में भारी राहत मिली है. वहीं, आईडीए ने शहर में जूनी इंदौर, माणिक बाग ओर केशर बाग पर भी रेलवे ओवर ब्रिज बनाकर शहर की जनता को यातायात जाम से निजात दिलाई है.
पूर्वी रिंग रोड़ पर स्थित रोबोट चौराहे पर यातायात जाम की स्थित को लेकर पिछले महीने ही ने केवल 460 मीटर लंबे फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण करने का स्वीकृति दी है, बल्कि टेंडर लगाने की प्रक्रिया जारी है. इसके बाद आईडीए ने भविष्य के यातायात दबाव को देखते हुए रेडिसन चौराहे पर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण का निर्णय लिया है और इसका पर संभागायुक्त डॉ सुदामा खाड़े ने प्रेजेंटेशन देखने के बाद मंजूरी भी दे दी है. अब आईडीए द्वारा अपने 10 वें फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति के लिए आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखेगा. इसके पूर्व संभागायुक्त ने यूकेजी प्रस्ताव को पारित करने पर सहमति दे दी है.
ऐसे बनेगा ब्रिज
– लंबाई 596 मीटर
– चौड़ाई फोर लेन
– लागत 50 करोड़ रुपए (संभावित )
– निर्माण अवधि 18 माह (वर्क ऑर्डर जारी होने की दिनांक से )
ओवर ब्रिज से फायदा
उक्त फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण होने के बाद शहर माफ प्रवेश को लेकर यातायात जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा. दूसरा बायपास से शहर में इंट्री होने के बाद विजय नगर से एमआर-10 ब्रिज से उज्जैन लव कुश चौराहे पर एवं सुपर कॉरिडोर होते हुए बाहर ही राष्ट्रीय राजमार्ग तक यातायात सीधा और सुगम हो जाएगा.
