माखन नगर से लौट कर आशीष कुर्ल। मध्य प्रदेश में मंगलवार को मूंग उपार्जन की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो गई, लेकिन प्रदेश भर के अनेक उपार्जन केंद्रों पर हजारों किसान अब भी अपनी उपज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ इंतजार करते रहे। बड़ी मात्रा में मूंग की खरीदी नहीं हो सकी, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की आशंका गहरा गई है।
नर्मदापुरम जिले के बाबई उपार्जन केंद्र पर किसानों ने खरीदी की धीमी गति पर नाराजगी जताई। चौहा हाथ गांव के किसान भरत चौधरी ने बताया कि शासन द्वारा खरीदी शुरू होने की घोषणा के बाद से ही वह केंद्र पर मौजूद हैं, लेकिन अब तक उनकी उपज की खरीदी नहीं हो सकी है।
एक अन्य किसान अश्वनी पटेल ने आरोप लगाया कि प्रतिदिन केवल चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ही खरीदी की जा रही है, जबकि हजारों किसान अपनी उपज लेकर कतार में खड़े हैं। उनका कहना है कि यदि खरीदी अवधि नहीं बढ़ाई गई तो अनेक किसानों को बिना फसल बेचे ही वापस लौटना पड़ेगा।
संजय राजपूत, निवासी संघा खेड़ा, ने कहा कि खरीदी के अंतिम दिन भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि पात्र किसानों की पूरी उपज खरीदे जाने तक खरीदी अवधि बढ़ाई जाए।
उधर, नर्मदापुरम-पिपरिया मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारों के कारण कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित रहा। किसान अब सरकार की ओर से खरीदी अवधि बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
