भोपाल। मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक के पद पर चयनित 1000 से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य डी.एल.एड. दूसरे वर्ष के रिजल्ट में देरी की वजह से अधर में लटक गया है। रिजल्ट जारी नहीं होने के कारण चयनित अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए छात्र पिछले कई दिनों से भोपाल स्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल के चक्कर लगा रहे हैं और जल्द परिणाम घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने समय रहते अधिकारियों को अपनी समस्या बताई थी। अधिकारियों ने पहले 20 जुलाई, फिर 27 जुलाई तक रिजल्ट जारी करने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक परिणाम घोषित नहीं हुआ। इस बीच पहले चरण का दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका है, जिसमें कई चयनित अभ्यर्थी शामिल नहीं हो सके।
अब 10 अगस्त से दस्तावेज सत्यापन का दूसरा चरण शुरू होना है। नियम के अनुसार सत्यापन से पहले अभ्यर्थी का डी.एल.एड. परीक्षा में उत्तीर्ण होना जरूरी है। ऐसे में छात्रों को डर है कि यदि रिजल्ट समय पर जारी नहीं हुआ तो उनकी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से मांग की है कि डी.एल.एड. दूसरे वर्ष के रिजल्ट की तुरंत आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाए और जल्द परिणाम घोषित किया जाए, ताकि समय पर दस्तावेज सत्यापन पूरा हो सके और चयनित उम्मीदवारों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
