
जबलपुर: पनागर थाना अंतर्गत बिजना स्थित राधाकृष्ण फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई गई थी। फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक मजदूर को अपनी चार उंगलियां गंवानी पड़ीं थी। बिजली गुल होते ही कटर मशीन में मजदूर की 4 उंगलियां कट गई थी। मामले की जांच पड़ताल में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बरती गई लापरवाही उजागर हुई। फैक्ट्री मालिक द्वारा मजदूरों की जान से खिलवाड़ कर उन्हें न दस्ताने दिए गए थे और न सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस ने जांच के बाद फैक्टरी संचालक कमल वाधवानी के खिलाफ लापरवाही बरतने का आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक मनोज कुमार बर्मन पिता रघुनंदन प्रसाद बर्मन (40) निवासी बिजना, पनागर का 20 जुलाई को बिजना स्थित राधाकृष्ण कंपनी में रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर तैनात था। जिसके साथ सहकर्मी मोहित चौधरी (19) और सूजल बर्मन (19) भी काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक फैक्ट्री की बिजली गोल हो गई और पूरी फैक्टरी में अंधेरा छा गया। काम कर रहे मनोज कुमार का दाहिना हाथ अचानक फिंगर कटर मशीन की चपेट में आ गया और उनके दाहिने हाथ की चार उंगलियां कटकर अलग हो गईं। कंपनी में चीख-पुकार मचने के बाद सहकर्मियों द्वारा घायल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया था।
संचालक ने नहीं दिए थे ग्लव्स और जूत
पुलिस जांच में पाया गया कि फैक्ट्री के संचालक कमल वाधवानी निवासी आधारताल द्वारा मजदूरों को फिंगर कटर जैसी खतरनाक मशीनों पर काम करने के बावजूद कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। कर्मचारियों को न तो हाथों के दस्ताने दिए गए थे और न ही पैरों के जूते-मोजे या अन्य सुरक्षा कवच। कर्मचारियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर, उनसे अत्यंत उपेक्षापूर्वक और जोखिम भरे माहौल में काम कराया जा रहा था, जिसके कारण यह पीडि़त के दाहिने हाथ की चार उंगलियां फिंगर कटर मशीन में फंस कर कट गई थी।
