
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश ने कक्षा 10वीं और 12वीं के लगभग 15 हजार विद्यार्थियों की अंकसूचियों में हुई गंभीर त्रुटि को सुधारते हुए उन्हें “प्राइवेट/स्वाध्यायी परीक्षार्थी” के स्थान पर “नियमित विद्यार्थी” के रूप में दर्ज कर दिया है। इस निर्णय से हजारों विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
यह मामला मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनिकेत द्विवेदी द्वारा प्रमुखता से उठाया गया था। उन्होंने मुख्य सचिव तथा स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इस त्रुटि को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा था कि गलत वर्गीकरण के कारण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्तियों तथा रोजगार के अवसरों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
लगातार किए गए प्रतिनिधित्व के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन करते हुए प्रभावित विद्यार्थियों की श्रेणी को नियमित विद्यार्थी के रूप में बहाल कर दिया।
निर्णय का स्वागत करते हुए अनिकेत द्विवेदी ने इसे विद्यार्थियों के अधिकारों की जीत बताया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस आगे भी विद्यार्थियों और समाज के अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
