वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) को तुरंत व्यापार के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान पर पहले से कहीं अधिक भीषण बमबारी की जाएगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि युद्ध समाप्ति को लेकर दोनों पक्ष एक समझौते के करीब हैं, लेकिन यह पूरी तरह ईरान की स्वीकृति पर निर्भर करता है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान शर्तों को नहीं मानता है, तो अमेरिकी सेना बहुत बड़े स्तर पर और अत्यधिक गति से सैन्य कार्रवाई शुरू करेगी, जिससे तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव करते हुए ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। इस मिशन के तहत अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से मालवाहक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रही थी। ट्रंप का कहना है कि समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है, इसलिए यह देखने के लिए मिशन रोका गया है कि क्या प्रस्तावित संधि अंतिम रूप ले पाती है। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाजों सहित कई अन्य जहाजों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधा उत्पन्न की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दक्षिण कोरिया सहित अन्य मित्र देशों से इस समुद्री सुरक्षा मिशन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में क्षेत्र में सक्रिय सात संदिग्ध नौकाओं को नष्ट कर दिया है और अपने सैन्य अड्डों को हाई अलर्ट पर रखा है। ट्रंप ने दावा किया कि 28 फरवरी से जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हुआ है, जिसे अब केवल एक व्यापक समझौते के जरिए ही बहाल किया जा सकता है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके पास अत्याधुनिक हथियारों का विशाल भंडार है और वह अपनी शर्तों को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

