चेन्नई, 31 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को बीएसएफबी, बेंगलुरु में दर्ज चेन्नई पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में आंध्र प्रदेश में दस ठिकानों पर समन्वित छापे मारे।
यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), चेन्नई की शिकायत के आधार पर मैसर्स एनसीएस शुगर्स लिमिटेड, उसके निदेशकों और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया गया था। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, संपत्ति के गबन और जालसाजी का आरोप लगाया गया था। इससे बैंक को 105.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
आरोप है कि अभियुक्तों ने कर्ज देने वाले बैंक को फर्जी दस्तावेज सौंपे थे। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करने के लिए बैंक से धन उधार लिया था और बाद में ऋण राशि का दुरुपयोग और गबन किया। वे बैंक के बकाये का भुगतान करने में विफल रहे। इस वजह से अभियुक्त कंपनी के ऋण खाते अनियमित/डिफ़ॉल्ट हो गये और बैंक को गलत नुकसान हुआ।
आज हैदराबाद, विजयनगरम और काकीनाडा में 10 ठिकानों पर तलाशी ली गयी। इसमें शामिल परिसरों में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कारखाने, पंजीकृत कार्यालय और आवासीय संपत्तियां शामिल थीं।
तलाशी के दौरान जांच से संबंधित रिकॉर्ड सहित आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद कर जब्त किये गये। आपराधिक साजिश के पूरे दायरे का पता लगाने, धन के हेरफेर और लेन-देन का सुराग लगाने तथा शामिल सभी व्यक्तियों की विशिष्ट भूमिकाओं को निर्धारित करने के लिए जब्त की गयी सामग्रियों की जांच की जा रही है।
मामले की आगे की जांच जारी है।
