टाईगर रिजर्व क्षेत्र में गिद्घों की संख्या में इजाफा

सीधी। संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र सीधी में विलुप्त प्राय माने जाने वाले गिद्घों की वर्ष 2026 की गणना में 179 संख्या मिलने से विभागीय अमले में खुशी की लहर है।

दरअसल पिछले वर्ष के मुकाबले में गिद्घों की संख्या में 25 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र में गिद्घों की संख्या में इजाफा होने का मुख्य कारण यहां के पर्यावरण संतुलन एवं अनुकूल वातावरण मुख्य है। जानकारों के अनुसार पिछले दो दशकों में गिद्घों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसका प्रमुख कारण पशु चिकित्सा में उपयोग की जाने वाली डिक्लोफेनिक दवा रही है जो मृत पशुओं के मांस के साथ गिद्घों के शरीर में पहुंचकर उनकी किडनी फेल कर देती है। वर्ष 2008 में इस दवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इसके दुष्प्रभाव लंबे समय तक देखे गए। इसके अलावा हाईटेंशन बिजली टावरों और करंट प्रवाहित तारों से टकराने के कारण भी गिद्घों की मौत और पलायन की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में संजय टाईगर रिजर्व सीधी क्षेत्र में विलुप्त प्राय प्रजाति माने जाने वाले गिद्घों की संख्या बढऩा इस बात के संकेत हैं कि क्षेत्र में इनके लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र में पक्षियों की संख्या में लगातार वृद्घि हो रही है। जिससे वन प्रबंधन काफी उत्साहित है। विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी दुर्लभ प्रजाति गिद्घ सघन वन क्षेत्रों के आसपास देखे जाते हैं। इस वर्ष फरवरी 2026 में 3 दिवसीय गिद्घों की गणना संजय टाईगर रिजर्व सीधी की ओर से कराई गई। 20, 21 एवं 22 फरवरी को हुई गणना में टाईगर रिजर्व क्षेत्र के सभी रेंज क्षेत्रों को शामिल किया गया था। 22 फरवरी की गणना को विभागीय आंकड़े में शामिल किया गया है। उक्त गणना के अनुसार संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र में गिद्घों की संख्या 179 दर्ज की गई है।

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टाईगर रिजर्व के 9 वन रेंजों में हुई गणना

यह गणना टाईगर रिजर्व के 9 वन रेंज क्षेत्रों में हुई। गणना के पश्चात ब्यौहारी रेंज में 1, दुबरी में 42, वस्तुआ में 1, मड़वास में 0, पोंड़ी में 0, टमसार में 3, मोहन रेंज में 54, भुईमाड़ में 0 एवं बगदरा में 78 गिद्घ मिले। इस तरह गणना में कुल 179 गिद्घ पाए गए। सफेद पुऋे वाला दुर्लभ प्रजाति के 6 गिद्घ दुबरी एवं 10 बगदरा में पाए गए हैं। मिस्त्री गिद्घ प्रजाति के 3 गिद्घ टमसार एवं 6 बगदरा में मिले हैं। भारतीय लंबी चोंच वाले गिद्घ दुबरी में 36, बस्तुआ में 2, ब्यौहारी में 1, मोहन में 54 एवं बगदरा में 62 मिले हैं। इस तरह संजय टाईगर रिजर्व में कुल 3 प्रकार के गिद्घ गणना में मिले हैं। यह माना जा रहा है कि दुर्लभ प्रजाति के गिद्घों की संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है। विभाग के अनुसार गिद्घों की कुल 7 प्रजाति के गिद्घ भारत में पाए जाते हैं।

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इनका कहना है

संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र के 9 रेंजों में 20, 21 एवं 22 फरवरी को गिद्घों की गणना की गई थी। गणना के पश्चात फाइनल आंकड़े में गिद्घों की संख्या 179 दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष गिद्घों की संख्या बढऩा काफी सुखद है। आंकड़ों से साफ है कि संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र में विलुप्त प्राय: माने जाने वाले गिद्घों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है।

सुधीर मिश्रा, सहायक संचालक संजय टाईगर रिजर्व सीधी

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