सतना:किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में अनुदानित उर्वरकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। भारत सरकार के iFMS पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाएगा। इसी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए जिले में उर्वरक विक्रय आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है।
विभाग के आदेश के अनुसार 14 अगस्त 2026 को शाम 7 बजे से प्रदेश में अनुदानित उर्वरकों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान विपणन संघ के विक्रय केंद्रों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो के विक्रय केंद्रों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों से किसी भी प्रकार के अनुदानित उर्वरक का विक्रय नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य iFMS पोर्टल में दर्ज स्टॉक और जमीनी स्तर पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान कर उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
