
रतलाम। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की बकाया राशि वसूलने पहुंची नगर निगम की टीम पर शुक्रवार सुबह डोसीगांव में अचानक पथराव हो गया। कुछ ही मिनटों में हिंसक विरोध में बदल गई। दूसरी ओर रहवासियों ने निगम कर्मचारियों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और विवादित हो गया है।
घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है। नगर निगम का अमला प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में रहने वाले 208 बकायादार हितग्राहियों को अंतिम नोटिस देने पहुंचा था। टीम में स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह पंवार सहित इंजीनियरिंग और राजस्व शाखा के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। नोटिस में हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर 1.80 लाख रुपये की बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर 4 अगस्त से फ्लैट खाली कराकर कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही निगम कर्मियों ने फ्लैटों पर नोटिस चस्पा करना शुरू किया, कुछ रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बहस नारेबाजी में बदली और फिर पथराव शुरू हो गया। अचानक हुए हमले से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। निगम की टीम को बिना कार्रवाई पूरी किए वहां से भागना पड़ा। इस दौरान एक मीडियाकर्मी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद के दौरान निगम कर्मचारियों ने भी कुछ रहवासियों से मारपीट की।
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और औद्योगिक थाना प्रभारी डीएसपी गायत्री सोनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले हमला करने वाले लोग वहां से जा चुके थे। पुलिस सुरक्षा के बीच निगम ने दोबारा नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई पूरी कराई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के वीडियो फुटेज जुटाए हैं और हमले में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है।
नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी घटक के तहत डोसीगांव की शिवशंकर बस्ती सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 396 पात्र हितग्राहियों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट आवंटित किए गए थे। इनमें 188 हितग्राहियों ने निर्धारित दो लाख रुपये का अंशदान जमा कर दिया है, जबकि 208 हितग्राहियों ने केवल मार्जिन मनी जमा कर फ्लैटों पर कब्जा ले लिया, लेकिन शेष राशि का भुगतान नहीं किया। ऐसे सभी हितग्राहियों को अंतिम अवसर देते हुए नोटिस जारी किए गए हैं।
