
जबलपुर। कानून की धज्जियां उड़ाते हुए लिंग परीक्षण और सौदेबाजी के बाद भ्रूण का कोख में कत्ल करने वाले सफेदपोश डॉक्टरों के रैकेट को पुलिस ने बेनकाब कर दिया है। मालवीय चौक स्थित डिजिटल एक्स-रे सोनोग्राफी और अधारताल स्थित सरल डायग्नोस्टिक सेंटर में दबिश दी गई। पुलिस ने दोनों सेंटरों को सील कर मुख्य सरगना डॉक्टर और उसकी मददगार नर्स को दबोच लिया है। जबकि अन्य डॉक्टर की तलाश जारी है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई कि गिरोह पेट में पल रहे बच्चे का लिंग बताने के लिए प्रति मरीज 15,00 की मोटी रकम ऐंठते थे इसके बाद अवैध गर्भपात भी करा देते थे ।
जानकारी के अनुसार मालवीय चौक पर डॉक्टर राजेन्द्र अग्रवाल का आर.के. डिजिटल एक्स-रे सोनोग्राफी कलर डॉप्लर सेंटर चलाता है। अधारताल का सरल डायग्नोस्टिक सेंटर भी इसी का है जहां से पूरा नेटवर्क ऑपरेट होता था। यहां डॉ. राजेन्द्र का जूनियर का जूनियर सतीश अग्रवाल बैठता था। भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात का यहीं से खेल चलता था। नर्स डोली की सीधी निगरानी में भ्रूण लिंग परीक्षण से लेकर गर्भपात का पूरा गंदा खेल खेला जाता था। एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ मालवीय चौक और अधारताल स्थित दो सेंटरों पर एक साथ छापेमारी कर दी है। जांच में यह बात सामने आई कि गिरोह पेट में पल रहे बच्चे का लिंग बताने के लिए प्रति मरीज 15,00 की मोटी रकम ऐंठता था।
लडक़ी हुई तो गर्भपात
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि टेस्ट में जैसे ही पता चलता कि कोख में लडक़ी है, वैसे ही डॉक्टर और नर्स मिलकर गर्भपात (भ्रूण हत्या) का ताना-बाना बुन देते थे। पुलिस अब सेंटरों के पूरे स्टाफ को राउंडअप कर बयान दर्ज कर रही है। कड़ाई से पूछताछ जारी है, जिससे शहर के कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है। फरार सतीश की तलाश जारी है।
इनका कहना है
आर.के. डिटिजल एक्स रे सोनीग्राफी कल डॉप्लर सेंटर, सरल डायग्नोस्टिक सेंटर को सील किया गया है यहां भ्रूण लिंग परीक्षण किए जा रहे थे । भ्रूण हत्या गर्भपात भी कराया जा रहा था । मामले की विस्तृत जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग भी जांच कर रहा है जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
आयुष जाखड़, एएसपी शहर
