थानों में साइबर हेल्प डेस्क के लिए डीआईजी ने खुद लिया 41 आरक्षकों का साक्षात्कार

जबलपुर। साइबर अपराधों के बढ़ते ग्राफ को रोकने और पीडि़तों को गोल्डन आवर (वारदात के ठीक बाद का सबसे कीमती समय) में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए पुलिस ने जिले के सभी थानों में शुरू की गई साइबर हेल्प डेस्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक जबलपुर रेंज, अतुल सिंह ने खुद कमान संभाली है। उन्होंने हेल्प डेस्क में पदस्थापना के लिए 41 आरक्षकों का स्वयं साक्षात्कार लिया, ताकि केवल योग्य और तकनीकी रूप से सक्षम जवानों को ही थानों में तैनात किया जा सके। डीआईजी अतुल सिंह द्वारा इस कड़े साक्षात्कार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि थानों में बैठने वाले कर्मचारी तकनीकी रूप से इतने एक्सपर्ट हों कि वे शिकायत आते ही तत्काल रिस्पांस कर सकें। यह हेल्प डेस्क मुख्य रूप से 3 मोर्चों पर काम करेगी। जिसमें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर बैंकों से संपर्क कर पीडि़तों के पैसे तुरंत होल्ड/फ्रीज कराना। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप पर होने वाली ब्लैकमेलिंग, फेक प्रोफाइल और हैकिंग की शिकायतों पर त्वरित एक्शन। आम जनता के मोबाइल गुमने या चोरी होने पर तत्काल ट्रैकिंग और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करना है।

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क का संचालन पहले ही शुरू किया जा चुका है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) के मार्गदर्शन में थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराधों से निपटने, तकनीकी साक्ष्य जुटाने और पीडि़तों की काउंसलिंग करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस विशेष चयन प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राइम जितेन्द्र सिंह एवं उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल अंजुल अयंक मिश्रा भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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