
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (वार्ता) भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति की चौथी बैठक में दोनों देशों ने खनन, ऊर्जा और अवसंरचना समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। ब्यूनस आयर्स के पलासिओ सैन मार्टिन में 24 अगस्त को आयोजित इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने किया। अर्जेंटीना की तरफ से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध सचिव फर्नांडो ब्रून ने किया। दोनों पक्षों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2025 में अर्जेंटीना यात्रा के दौरान निश्चित रोडमैप पर हुई प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय रणनीतिक तथा आर्थिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहरायी।
भारत और अर्जेंटीना के बीच साल 2025 में 6.5 अरब डॉलर का अंतरराष्ट्रीय व्यापार था। इसमें 17 प्रतिशत से अधिक की लगातार वार्षिक वृद्धि दर्ज की गयी। भारत अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। विदेशी व्यापार को सुगम बनाने, शुल्क से इतर बाधाओं को कम करने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अर्जेंटीना के निरंतर प्रयासों से वहां के बाज़ार में भारतीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ने की आशा है। दोनों पक्षों ने आर्थिक साझेदारी के विस्तार के साथ-साथ पारस्परिक सहयोग बढ़ाने और एक-दूसरे के उद्यमों के लिए अवसरों का अधिक संतुलित ढांचा सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
बैठक में खनन, ऊर्जा और अवसंरचना क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर भी चर्चा हुई। इसमें अर्जेंटीना के लिथियम क्षेत्र में भारत की खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) की निरंतर भागीदारी भी शामिल है। अर्जेंटीना में किसी भारतीय कंपनी द्वारा शुरू की गई पहली लिथियम खनन परियोजना, काबिल की कैटामार्का में खनन गतिविधियां, दूसरे चरण की ड्रिलिंग पूरी होने के साथ ही काफी आगे बढ़ चुकी हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए साल्टा और जुजुय प्रांतों में आगे की भागीदारी के अवसरों की भी खोज की जा रही है।
अर्जेंटीना के बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों के प्रवेश को सुगम बनाने की दिशा में हुई उत्साहजनक प्रगति पर भी प्रकाश डाला गया। भारतीय प्याज, दूध और दूध उत्पादों, अंगूर, आलू, केले और दालों के लिए स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपायों पर तकनीकी स्तर की चर्चाएं आगे बढ़ रही हैं, जो इन उत्पादों के बाज़ार तक पहुँच बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए अधिक अवसर पैदा हुए हैं, द्विपक्षीय कृषि व्यापार मज़बूत हुआ है और साल 2047 तक विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
भारतीय दवा उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को सुगम बनाने में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अर्जेंटीना की एएनएमएटी और भारत की सीडीएससीओ के बीच 2019 में हुए समझौता ज्ञापन के आधार पर दोनों पक्षों ने आयुर्वेद और योग में संयुक्त पहलों के माध्यम से सहयोग को मजबूत करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।
विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं सहित सहयोग के उभरते क्षेत्रों की पहचान विशेष रूप से 5जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में दोनों देशों के लिए आगे के अवसरों के रूप में की गयी। श्री अग्रवाल ने अर्जेंटीना में अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इसमें यूपीएल, किर्लोस्कर और आदित्य बिरला समूह के प्रतिनिधियों सहित कंपनियों के 25 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने अर्जेंटीना के उद्यमियों के साथ मिलकर दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को ठोस व्यावसायिक परिणामों में बदलने के लिए बातचीत की।
