यरूशलम, 14 अक्टूबर (वार्ता) इज़रायल हमास द्वारा सभी 28 इजरायली बंधकों के शवों को नहीं सौंपे जाने से बेहद निराश हैं और उसने समूह पर इस मुद्दे पर आगे किसी भी प्रगति के लिए आज शाम तक की समय सीमा तय की है।
इजरायली शीर्ष अधिकारियों ने हमास पर जानबूझकर अपने वादे को पूरा करने से पीछे हटने का आरोप लगाया है।
इस बीच मध्यस्थ पक्षों ने कहा कि गाजा में हुए विनाश के बाद मलबे के कारण हमास को सभी शवों का पता लगाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इजरायल के सरकारी कैन पब्लिक ब्रॉडकास्टर के अनुसार इज़रायल का मानना है कि हमास पहले से ही कुछ शवों को अपने पास रखे हुए है और संभवतः इज़रायली अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए उन्हें सौंपने से इनकार कर रहा है।
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि “यह स्पष्ट था, लेकिन अब हम प्रतिक्रिया के विकल्पों पर किसी महत्वपूर्ण तरीके से चर्चा कर रहे हैं।”
एक मध्यस्थ देश के अरब राजनयिक ने हिब्रू मीडिया एजेंसियों को बताया कि मध्यस्थ इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं और उन्हें नहीं लगता कि गाजा समझौता खतरे में है। कल हमास ने उन ताबूतों को सौंप दिया जिनमें गाजा के मारे गए चार बंधकों के अवशेष होने की बात कही थी। उसने अन्य 24 मृत बंधकों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।
ताबूतों को तेल अवीव स्थित अबू कबीर फोरेंसिक संस्थान ले जाया गया, जहाँ उनकी पहचान की गयी थी।
आईडीएफ के अनुसार, उन्होंने मृतकों के परिवारों को सूचित कर दिया है, जिनकी पहचान गाय इलूज़ (26), नेपाली नागरिक बिपिन जोशी (23), और दो अन्य बंधकों के रूप में हुयी है, जिनके नाम बाद में प्रकाशित किए जाएँगे।
इसके अतिरिक्त, हमास ने कल दो अन्य शव लौटाए, जो योसी साराबी और आईडीएफ अधिकारी कैप्टन डैनियल पेरेज़ के है।
इज़रायल के प्रमुख अधिकारी गैल हिर्श ने कहा कि यरुशलम तब तक हमास पर दबाव बनाता रहेगा जब तक कि वह युद्धविराम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता।
उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में, हमारी संवेदनाएँ इलूज़ परिवार, जोशी परिवार और आप सभी, प्रिय परिवारों के साथ हैं। हम बंधकों की वापसी पूरी होने तक हमास पर दबाव जारी रखेंगे और उसे और तेज़ करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “इस मुद्दे पर कल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच बातचीत में चर्चा हुई।

