नयी दिल्ली (वार्ता) भारत ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से आपस में निर्यात-नियंत्रण के उपाय वर्जित किये जाने पर बल दिया है और माना जा रहा है कि इससे समूह के सदस्यों को परस्पर सहयोग को प्रोत्साहन मिला है।ब्रिक्स के व्यापार मंत्रियों की 15वीं बैठक में भारत ने बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। ब्राजील की अध्यक्षता में यह बैठक ब्राजीलिया में 21 मई को आयोजित की गयी, इसमें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से वक्तव्य प्रस्तुत किया गया। भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक में श्री गोयल की ओर से प्रस्तुत वक्तव्य में 2025 में इंडोनेशिया के ब्रिक्स के नये सदस्य के रूप में शामिल होने का स्वागत किया और समूह में आम सहमति बनाने में ब्राजील की भूमिका की सराहना की।बैठक की घोषणा में विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जलवायु संबंधी व्यापार उपायों को अनुचित भेदभाव या प्रच्छन्न व्यापार प्रतिबंधों के उपकरण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
भारत ने बैठक में निष्पक्ष, पारदर्शी, समावेशी और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए दक्षिणी गोलार्ध के विकासशील और गरीब देशों की विकासात्मक आवश्यकताओं का समाधान करने वाले विकेंद्रीकृत वैश्विक व्यापार ढांचे को बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया।विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधार के विषय पर, भारत ने विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग (पीएसएच) के स्थायी समाधान का आह्वान किया और ‘30 फॉर 30’ के भारत के प्रस्ताव का विशेष रूप
से उल्लेख किया। इस प्रस्ताव में 2025 में डब्ल्यूटीओ की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर 30 अतिरिक्त सुधार सुझाये गये हैं।भारत ने दोहराया कि स्वस्थ विकास भारतीय सांस्कृतिक एवं लोकाचार में गहराई से रचा-बसा है और इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार शासन की आधारशिला बने रहना चाहिए।विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वाणिज्य विभाग में आर्थिक सलाहकार यशवीर सिंह ने महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करने वाले प्रतिबंधात्मक व्यापार उपायों को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत ने विकसित देशों से पर्याप्त वित्तीय संसाधनों द्वारा समर्थित पर्यावरण की दृष्टि से स्वस्थ प्रौद्योगिकियों (ईएसटी) का रियायती हस्तांतरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
बैठक के बाद जारी घोषणा पत्र में डब्ल्यूटीओ में सुधार और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मज़बूत करने, ब्रिक्स डेटा अर्थव्यवस्था के सचालन की समझ तथा ब्रिक्स व्यापार और सतत विकास की रूपरेखा विषय पर तीन परिशिष्ट जारी किये गये। बयान में कहा गया है कि ये दस्तावेज़ सामूहिक रूप से न्यायसंगत, समावेशी और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार के लिए ब्रिक्स की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।
