वाराणसी, 27 जुलाई (वार्ता) द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख श्री काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रावण मास में देशभर से लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं। इनमें पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिला कांवड़िए भी शामिल होती हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़िया शिविरों में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बन सके।
इस वर्ष 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास के दौरान कांवड़ियों के लिए शहर में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। नगर निगम द्वारा पुरुष एवं महिला कांवड़ियों के लिए शिविरों में अलग-अलग ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही उनके सामान को सुरक्षित रखने के लिए शहर में तीन निःशुल्क अमानती घर भी स्थापित किए जा रहे हैं।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि कांवड़ियों के विश्राम के लिए शहर में 12 निःशुल्क शिविर और तीन अमानती घर बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक शिविर में महिलाओं के लिए पृथक आवास, शौचालय तथा शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए फीडिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त विश्राम स्थलों की भी व्यवस्था की जाएगी, जिसके लिए नगर निगम पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिविर में प्रकाश व्यवस्था, पंखे, पेयजल, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, गद्दे, चादर, तकिए, कूलर, शौचालय तथा केयरटेकर की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त जलकल, विद्युत, स्वास्थ्य तथा सामान्य अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई है। यह टीम किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पेयजल, सीवर, सड़क, सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगी।
नगर निगम द्वारा संचालित निःशुल्क कांवड़िया शिविरों में जेपी मेहता में एक, गिलट बाजार (हीवेल हॉस्पिटल के पास) में एक, गिलट बाजार (चेतमणि के पास) में एक, चितरंजन पार्क में दो, टाउन हॉल में एक, अष्टभुजा मंदिर परिसर में तीन, सनबीम स्कूल (वरुणा के सामने) में एक तथा रथयात्रा चौराहे पर दो शिविर स्थापित किए जा रहे हैं।
इसी प्रकार, निःशुल्क अमानती घर चितरंजन पार्क, गोदौलिया चौराहा तथा चौक थाना परिसर के निकट स्थापित किए जाएंगे।
