
खंडवा। गुरु पूर्णिमा उत्सव के लिए दादाजी धाम सजकर पूरी तरह तैयार है और भक्तों के दर्शन का सिलसिला अनवरत जारी है। तीन दिवसीय इस भव्य मेले का मुख्य आयोजन 29 जुलाई को होगा। मंदिर ट्रस्ट, नगर निगम, जिला और पुलिस प्रशासन ने आयोजन को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पूरा शहर दादाजी भक्तों की मेजबानी के लिए उत्साहित है।
5 लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना :
इस उत्सव में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली सहित देशभर से करीब 5 लाख भक्तों के आने की संभावना है। खंडवा देश का एक ऐसा अनूठा शहर है, जहां सभी शहरवासी मिलकर दादाजी भक्तों की सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
200 से अधिक भंडारे और निशुल्क परिवहन :
सोमवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय उत्सव के दौरान पूरे शहर में 200 से अधिक स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें दाल-बाफले, चुरमा, पूड़ी-सब्जी, पोहा, जलेबी, भजिए, हलवा और मालपुआ जैसी प्रसादी का निशुल्क वितरण होगा। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टेशन से भक्तों को मंदिर तक पहुंचाने के लिए निशुल्क बस और ऑटो की व्यवस्था भी की गई है।
1200 सेवादार देंगे 24 घंटे सेवाएं :
महोत्सव के सुचारु संचालन के लिए ट्रस्ट द्वारा विशेष समितियां गठित की गई हैं, जिनमें करीब 1200 सेवादार 24 घंटे अपनी सेवाएं देंगे। मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर होने के कारण इस वर्ष दर्शनार्थियों को कतारबद्ध रूप से समाधि के दर्शन कराए जाएंगे। वहीं, प्रसाद का वितरण निर्धारित खिड़कियों से सतत जारी रहेगा।
29 जुलाई को मुख्य अनुष्ठान और महाआरती :
परंपरा के अनुसार 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) को दोनों समाधियों पर दूध, दही, घी, शक्कर और गंगा-नर्मदा जल से विशेष अभिषेक व स्नान होगा। रात 8:00 बजे 121 दीपों के साथ पर्व की महाआरती की जाएगी और बड़ा हवन होगा। इस दौरान लाखों की संख्या में सूखे नारियल और हवन सामग्री धुनीमाता को समर्पित की जाएगी।
आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत और नगर निगम विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शहर में भंडारों के पंडाल सज चुके हैं और आज से प्रसादी वितरण शुरू हो जाएगा।
